लिथियम बैटरी पर सीमा-शुल्क छूट से ईवी अवसंरचना को मदद मिलेगीः वाहन उद्योग

लिथियम बैटरी पर सीमा-शुल्क छूट से ईवी अवसंरचना को मदद मिलेगीः वाहन उद्योग

लिथियम बैटरी पर सीमा-शुल्क छूट से ईवी अवसंरचना को मदद मिलेगीः वाहन उद्योग
Modified Date: February 1, 2026 / 06:08 pm IST
Published Date: February 1, 2026 6:08 pm IST

नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वाहन उद्योग ने रविवार को बजट 2026-27 की घोषणाओं का स्वागत करते हुए कहा कि लिथियम बैटरियों के निर्माण में उपयोग होने वाले उत्पादों पर सीमाशुल्क में छूट से देश में मजबूत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) अवसंरचना के निर्माण में मदद मिलेगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में लिथियम-आयन बैटरियों के लिए सेल विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाले पूंजीगत उत्पादों पर दी जा रही बुनियादी सीमा-शुल्क छूट को बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के लिए सेल विनिर्माण तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।

वाहन विनिर्माता कंपनियों के निकाय सियाम के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा, ‘‘लिथियम-आयन बैटरियों के विनिर्माण में प्रयुक्त पूंजीगत सामान पर सीमा शुल्क छूट जारी रखने और ईवी तथा हाइब्रिड वाहनों के लिए लिथियम-आयन सेल एवं उनके पुर्जों पर रियायती शुल्क लाभ मार्च, 2028 तक बढ़ाने से देश में मजबूत ईवी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा।’’

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के प्रमुख चंद्रा ने कहा कि बजट 2026-27 में विनिर्माण, मालढुलाई गलियारा, जलमार्ग और राजकोषीय अनुशासन पर दीर्घकालिक ध्यान बरकरार रखा गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘पूंजीगत व्यय लक्ष्य को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किए जाने से मांग सृजन और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी, जिसमें वाहन क्षेत्र भी शामिल है।’’

वाहन वितरकों के निकाय ‘फाडा’ के अध्यक्ष सी एस विघ्नेश्वर ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि सरकार द्वारा लिथियम-आयन सेल विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाले पूंजीगत उत्पादों पर सीमा-शुल्क छूट बढ़ाने से ईवी पारिस्थितिकी को समर्थन मिलेगा।

उन्होंने कहा कि खनिज-समृद्ध राज्यों में दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के गलियारे की स्थापना से घरेलू ईवी उत्पादन और किफायत को भी बल मिलेगा।

विघ्नेश्वर ने कहा कि पूर्वोत्तर और पूर्वोदय क्षेत्रों के लिए 4,000 ई-बसों का प्रावधान, मिश्रित सीएनजी में बायोगैस मूल्य को केंद्रीय उत्पाद शुल्क से बाहर रखना और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 जैसे कदम आधुनिक वाहनों की आपूर्ति शृंखला को मजबूत करेंगे।

वाहन कलपुर्जा विनिर्माताओं के संगठन एक्मा के अध्यक्ष विक्रमपति सिंघानिया ने कहा कि यह बजट भारत की विनिर्माण पारिस्थितिकी को मजबूत करने के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा पेश करता है।

सिंघानिया ने कहा, ‘‘एमएसएमई, स्वच्छ परिवहन और निर्यात सुविधा पर निरंतर ध्यान से वाहन कलपुर्जा उद्योग को वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।’’

महिंद्रा समूह के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) अनीश शाह ने कहा कि बजट वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने, आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने और विकास के लाभ में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।

मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ संतोष अय्यर ने कहा कि पूंजीगत व्यय में एक लाख करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ बुनियादी ढांचे पर जोर देश के उभरते परिवहन परिवेश के लिए सकारात्मक कदम है।

स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ पीयूष अरोड़ा ने कहा कि बजट में विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता और व्यापार सहूलियत पर जोर वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में भारत की स्थिति को मजबूत करता है और वाहन विनिर्माण एवं निर्यात केंद्र के रूप में उसकी भूमिका को सुदृढ़ करता है।

जेसीबी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ दीपक शेट्टी ने कहा कि उच्च मूल्य वाले पूंजीगत सामान के घरेलू विनिर्माण पर जोर से निर्माण उपकरण उद्योग को लाभ मिलेगा।

हीरो मोटोकॉर्प के सीईओ हर्षवर्धन चितले ने बजट को संतुलित और भविष्यदृष्टि वाला बताते हुए कहा कि राजमार्गों, ग्रामीण सड़कों और शहरी आवागमन जैसे बुनियादी ढांचे में निवेश से लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ेगी और आपूर्ति शृंखला की मजबूती सुनिश्चित होगी।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

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