8th Pay Commission OPS Restoration: 8वें वेतन आयोग में बहाल हो जाएगी पुरानी पेंशन स्कीम!.. आज केंद्रीय बजट में सैलरी और डीए को लेकर भी बड़ा ऐलान तय!
8th Pay Commission OPS Restoration: संगठन ने श्रम एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े व्यापक मुद्दों को भी उठाया है, जिनमें चार श्रम संहिताओं को वापस लेना, संविदा कर्मचारियों के लिए समान काम के लिए समान वेतन और सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम 9,000 रुपये प्रति माह पेंशन शामिल हैं।
8th Pay Commission OPS Restoration || Image- Symbolic (Canva)
- आठवें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट
- OPS बहाली और DA मर्ज की मांग
- 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल चेतावनी
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सातवें वेतनमान की अवधि के समाप्ति के साथ ही आठवें वेतन आयोग को लागू कर दिया है। इसके लिए आयोग का गठन कर दिया है जो कि, अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। (8th Pay Commission OPS Restoration) फिलहाल नए वेतनमान से केंद्रीय कर्मचारियों के सैलरी, महंगाई भत्ते में कितना बदलाव देखने को मिलेगा यह तय नहीं। लेकिन इसे पहले ही कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगो को लेकर मोर्चा खोल दिया है। चूंकि आज केंद्रीय बजट पेश किया जा रहा है, लिहाजा इस बजट को लेकर भी माध्यम और कर्मचारी वर्ग को बड़ी घोषणा की उम्मीद है।
पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की मांग
केंद्रीय सरकारी कर्मचारी एवं श्रमिक संघ (सीसीजीईडब्ल्यू) ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार आठवें वेतन आयोग, पेंशन और कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों पर उनकी मांगों को पूरा करने में विफल रहती है, तो वे 12 फरवरी, 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे। कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र में संगठन ने कहा कि यदि सरकार वेतन संशोधन, पेंशन सुधार और सेवा संबंधी चिंताओं पर कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ सार्थक परामर्श नहीं करती है, तो प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
डीए-डीआरए का बेसिक सैलरी में मर्ज
संघ ने आठवें वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र में बदलाव की मांग की है और यह भी तय किया है कि सीसीजीईडब्ल्यू और संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र की राष्ट्रीय परिषद (कर्मचारी पक्ष) द्वारा दिए गए सुझावों को आयोग की चर्चाओं में औपचारिक रूप से शामिल किया जाए। (8th Pay Commission OPS Restoration) संघ ने 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को मूल वेतन और पेंशन में विलय करने के साथ-साथ आयोग की सिफारिशों के लागू होने तक 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी 20 प्रतिशत अंतरिम राहत देने पर जोर दिया है।
पेंशन पुनर्स्थापन अवधि घटने की भी मांग शामिल
पेंशन के मुद्दे पर, सीसीजीईडब्ल्यू ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली और एकीकृत पेंशन योजना को समाप्त करने की मांग की है और सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की बात कही है। इसने कोविड-19 काल के दौरान रोकी गई तीन लंबित महंगाई भत्ता (डीए) और अनुकंपा भत्ता (डीआर) की किस्तों को जारी करने और पेंशन पुनर्स्थापन अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष करने की भी मांग की है। कर्मचारियों की कमी और नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए, संघ ने सभी रिक्त पदों को भरने, अनुकंपा नियुक्तियों पर लगी सीमा को हटाने, संविदा और आकस्मिक कर्मचारियों को नियमित करने और सरकारी सेवाओं के आउटसोर्सिंग और निगमीकरण को समाप्त करने की मांग की है।
न्यूनतम 9,000 रुपये प्रति माह पेंशन की डिमांड
संगठन ने श्रम एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े व्यापक मुद्दों को भी उठाया है, जिनमें चार श्रम संहिताओं को वापस लेना, संविदा कर्मचारियों के लिए समान काम के लिए समान वेतन और सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम 9,000 रुपये प्रति माह पेंशन शामिल हैं। इसने ई-श्रम मंच के माध्यम से असंगठित और कृषि श्रमिकों के लिए विस्तारित सामाजिक सुरक्षा लाभों की मांग की है। (8th Pay Commission OPS Restoration) 12 फरवरी की हड़ताल में भागीदारी की पुष्टि करते हुए, सीसीजीईडब्ल्यू के महासचिव एसबी यादव ने कहा कि यदि सरकार मांगों के चार्टर पर कार्रवाई नहीं करती है, तो सभी संबद्ध निकायों के कर्मचारी विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे, जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच बढ़ते असंतोष को दर्शाता है।
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