वाहनों के लिए साइबर सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली चरणबद्ध तरीके से लागू करने का प्रस्ताव

वाहनों के लिए साइबर सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली चरणबद्ध तरीके से लागू करने का प्रस्ताव

वाहनों के लिए साइबर सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली चरणबद्ध तरीके से लागू करने का प्रस्ताव
Modified Date: June 26, 2026 / 08:30 pm IST
Published Date: June 26, 2026 8:30 pm IST

नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देश में विनिर्मित वाहनों की सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से साइबर सुरक्षा और साइबर सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (सीएसएमएस) को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का प्रस्ताव किया है।

मंत्रालय ने 22 जून को जारी मसौदा अधिसूचना में कहा कि प्रस्तावित नियम एम (यात्री वाहन), एन (मालवाहक वाहन) और टी (ट्रेलर) श्रेणियों के वाहनों पर लागू होंगे।

मसौदा प्रस्ताव के तहत, एम, एन और टी श्रेणी के मोटर वाहन, यदि वे कम से कम एक इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ईसीयू) और लेवल 3 ऑटोमेशन वाले एल7 श्रेणी के वाहनों से लैस हैं, तो उन्हें ‘एआईएस-189’ के अनुसार साइबर सुरक्षा और साइबर सुरक्षा प्रबंधन प्रणालियों (सीएसएमएस) की आवश्यकताओं को पूरा करना होगा।

मंत्रालय ने कहा कि एआईएस (वाहन उद्योग मानक)-189 वाहन साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर जीवनचक्र प्रबंधन के क्षेत्र में भारत के नियामकीय ढांचे को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य मानकों के अनुरूप बनाता है।

मसौदा अधिसूचना के अनुसार, साइबर सुरक्षा और साइबर सुरक्षा प्रबंधन प्रणालियों का अनुपालन करने वाले ‘लेवल 3’ और उससे ऊपर के स्वचालन वाले वाहनों के लिए इसे एक अक्टूबर 2026 (नए मॉडल) और एक अप्रैल 2027 (मौजूदा मॉडल) से अनिवार्य कर दिया जाएगा।

वहीं, ‘ओवर-द-एयर’ (ओटीए) सुविधा वाले वाहनों के लिए यह अनुपालन नए और मौजूदा सभी मॉडलों पर एक अक्टूबर, 2029 से अनिवार्य होगा।

मंत्रालय ने मसौदा अधिसूचना पर संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं।

भाषा योगेश रमण

रमण


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