पारा चढ़ने के साथ दिल्ली में बिजली की मांग रिकॉर्ड 7,776 मेगावाट पर
पारा चढ़ने के साथ दिल्ली में बिजली की मांग रिकॉर्ड 7,776 मेगावाट पर
नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) दिल्ली में गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की अधिकतम मांग मंगलवार को रिकॉर्ड 7,776 मेगावाट तक पहुंच गई। यह इस गर्मी के मौसम में अबतक की सबसे अधिक मांग है।
दिल्ली की प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों बीएसईएस और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लि. (टाटा पावर डीडीएल) ने अपने-अपने क्षेत्रों में बिजली की अधिकतम मांग को पूरा करने का दावा किया है।
दिल्ली राज्य लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) के अनुसार, दोपहर 3:30 बजे बिजली की अधिकतम मांग 7,776 मेगावाट थी। सोमवार को बिजली की मांग शाम 4:05 बजे 7,542 मेगावाट के उच्चतम स्तर और फिर रात 11:11 बजे 7,600 मेगावाट तक पहुंच गई थी।
शहर में इस गर्मी का सबसे गर्म दिन रहा। अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस गर्मी का दूसरा सबसे अधिक तापमान था।
मौसम विभाग ने अगले सप्ताह राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में भीषण लू चलने की भविष्यवाणी की है।
वितरण कंपनियों अधिकारियों ने बताया कि गर्मी जल्दी आने के साथ पिछले वर्षों की तुलना में मई में दिल्ली की बिजली की अधिकतम मांग में तेज वृद्धि देखी गई है।
इस साल की शुरुआत में, दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग अप्रैल में पहली बार 7,000 मेगावाट के पार पहुंच गई। यह 27 अप्रैल को दोपहर 3:30 बजे 7,078 मेगावाट थी। यह स्तर 2024 और 2025 में केवल मई में ही पहुंचा था।
इस गर्मी में दिल्ली में बिजली की मांग में एक और महत्वपूर्ण वृद्धि का अनुमान है। एसएलडीसी के अनुसार, 2025 में दर्ज की गई अबतक की अधिकतम मांग 8,656 मेगावाट के मुकाबले, दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग इस साल 9,000 मेगावाट को पार करने का अनुमान है।
उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष गर्मियों में, 12 जून को अधिकतम मांग 8,442 मेगावाट रही थी।
बिजली वितरण कंपनियों ने राष्ट्रीय राजधानी में बिजली की बढ़ती मांग से निपटने के लिए पहले से ही तैयारियां कर ली हैं।
बीएसईएस के प्रवक्ता ने बताया कि उसकी वितरण कंपनियां… बीआरपीएल (बीएसईएस राजधानी पावर लि.) और बीवाईपीएल (बीएसईएस यमुना पावर लि.)… दक्षिण, पश्चिम, पूर्वी और मध्य दिल्ली में 53 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक खरीद समझौते और अन्य राज्यों के साथ व्यवस्था की गयी है।
प्रवक्ता के अनुसार, बीएसईएस क्षेत्रों में गर्मी के महीनों के दौरान भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में लगभग 2,670 मेगावाट हरित ऊर्जा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) के प्रवक्ता ने बताया कि उसने उत्तरी दिल्ली क्षेत्रों में अपने नेटवर्क पर अबतक इस मौसम की अधिकतम मांग 2,220 मेगावाट की निर्बाध आपूर्ति की है।
गर्मी के महीनों में बिजली आपूर्ति को और मजबूत बनाने के लिए टाटा पावर-डीडीएल ने बिजली खरीद समझौते, रिजर्व शटडाउन व्यवस्था और पावर एक्सचेंज से बिजली लेकर पर्याप्त इंतजाम किए हैं।
प्रवक्ता के अनुसार, टाटा पावर-डीडीएल अभी करीब 1,115 मेगावाट हरित बिजली का इस्तेमाल कर रही है। इसके अलावा, गर्मी की अधिकतम मांग को पूरा करने के लिए कंपनी ने अल्पकालिक समझौतों के जरिये 550 मेगावाट तक बिजली खरीदने की योजना बनाई है।
भाषा रमण अजय
अजय

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