डाक विभाग की अतिरिक्त राजस्व वृद्धि दोगुना कर 4,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य: संचार राज्य मंत्री
डाक विभाग की अतिरिक्त राजस्व वृद्धि दोगुना कर 4,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य: संचार राज्य मंत्री
(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) संचार राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि डाक विभाग का लक्ष्य इस वर्ष अपनी अतिरिक्त (इन्क्रिमेंटल) राजस्व वृद्धि को दोगुना कर 4,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का है। इसे नवाचार, जवाबदेही, प्रोत्साहन एवं विभिन्न खंडों में तय लक्ष्यों की प्राप्ति से हासिल करने की योजना है।
डाक विभाग (डीओपी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2,100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राजस्व वृद्धि दर्ज की, जो पिछले चार दशकों में सबसे अधिक वृद्धि मानी जा रही है। विभाग का कुल राजस्व वित्त वर्ष 2024-25 के 13,218 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 15,296 करोड़ रुपये हो गया।
मंत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘ पिछले वित्त वर्ष में हमने 2,100 करोड़ रुपये की राजस्व वृद्धि हासिल की जो विभाग की औसत वृद्धि से 10 गुना अधिक है। इस वर्ष हमारा लक्ष्य इसे 4,000 करोड़ रुपये तक ले जाना है। हर खंड के लिए लक्ष्य तय किए गए हैं। अगले तीन से चार वर्ष में डाकघरों को लागत केंद्र से लाभ केंद्र में बदलना हमारा लक्ष्य है।’’
उन्होंने बताया कि डाक विभाग का राजस्व 2016 के 11,500 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 13,200 करोड़ रुपये हो गया।
पेम्मासानी ने कहा कि सरकार लोगों के हित में भारतीय डाक सेवाओं का विस्तार करने और नवाचार के जरिये उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमने डाक विभाग के समक्ष पेश होने वाली चुनौतियों का अध्ययन किया। विभिन्न क्षेत्रों में हमारे वास्तविक बाजार हिस्से की पहचान की, बाधाओं को दूर किया, संचालन में उत्कृष्टता सुनिश्चित की, लक्ष्यों की नियमित निगरानी की, अधिकारियों को जवाबदेह बनाया और साथ ही उनके कार्य की सराहना भी की। इसी से यह वृद्धि संभव हुई।’’
मंत्री ने बताया कि वह हर महीने विभाग के प्रदर्शन की समीक्षा करते हैं और जवाबदेही तय करने से पहले परिचालन संबंधी समस्याओं को दूर किया गया।
उन्होंने कहा कि मुख्य डाक महा प्रबंधकों को यह लक्ष्य तब दिए गए जब यह सुनिश्चित हो गया कि संचालन में कोई बाधा नहीं है।
पेम्मासानी ने कहा, ‘‘ मैंने सभी मुख्य डाक महाप्रबंधकों को पत्र लिखे और बताया कि आपने लक्ष्यों पर सहमति जताई है और कहा कि कोई बाधा नहीं है। अगर प्रदर्शन नहीं होगा तो सरकार अपने अधिकार क्षेत्र में अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है। पहले महीने के अंत में 15 अधिकारियों को ऐसे पत्र भेजे गए। इसके बाद स्थिति में बड़ा बदलाव आया।’’
उन्होंने कहा कि विभाग उपलब्धियों की सराहना भी करता है और अब कमजोर प्रदर्शन को लेकर भेजे जाने वाले पत्रों की संख्या घटकर एक रह गई है।
मंत्री ने कहा कि लक्ष्यों को आकर्षक और नवाचारी सेवाओं से समर्थन दिया गया है जैसे 24 और 48 घंटे में स्पीड पोस्ट वितरण, ट्रैकिंग प्रणाली और ओटीपी आधारित अलर्ट।
उन्होंने कहा, ‘‘ सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग, लक्ष्यों एवं जवाबदेही से स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। पहले डाकघर कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर शिकायतें आती थीं लेकिन अब लक्ष्य आधारित व्यवस्था के कारण सभी अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश करेंगे।’’
निजी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा के लिए विभाग ने 214 डाकघरों में चौबीसों घंटे सेवा शुरू की है। करीब 4,000 डाकघरों में काम के घंटे सात घंटे से बढ़ाकर 24 घंटे तक किए गए हैं।
मंत्री ने कहा, ‘‘ हम अधिक डाकघरों में विस्तारित समय की सुविधा शुरू करेंगे ताकि लोग अपने दफ्तर के बाद भी डाक सेवाओं का उपयोग कर सकें।’’
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा

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