राष्ट्रीय विद्युत नीति-2026 का मसौदा मंत्रिमंडल को भेजा: बिजली सचिव

राष्ट्रीय विद्युत नीति-2026 का मसौदा मंत्रिमंडल को भेजा: बिजली सचिव

राष्ट्रीय विद्युत नीति-2026 का मसौदा मंत्रिमंडल को भेजा: बिजली सचिव
Modified Date: September 24, 2026 / 03:01 pm IST
Published Date: September 24, 2026 3:01 pm IST

नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) बिजली मंत्रालय ने राष्ट्रीय विद्युत नीति (एनईपी)-2026 का मसौदा अंतर-मंत्रालयी विचार-विमर्श के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल को भेज दिया है। बिजली सचिव पंकज अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

इस नीति का उद्देश्य बिजली क्षेत्र को वित्तीय रूप से मजबूत करना और इसे व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बनाना है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की अधिकतम मांग और ऊर्जा जरूरतों को पूरा करते हुए बिजली की पर्याप्त उपलब्धता, भरोसेमंद आपूर्ति तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी इसका लक्ष्य है।

अग्रवाल ने उद्योग मंडल फिक्की की ओर से आयोजित भारतीय बिजली क्षेत्र पर आयोजित दूसरे सम्मेलन से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने सभी पक्षों की टिप्पणियों को शामिल कर लिया है। हमने अंतर-मंत्रालयी परामर्श के लिए मंत्रिमंडल को मसौदा भेज दिया है और मुझे लगता है कि इसमें बहुत अधिक समय नहीं लगेगा।’’

नयी नीति को विकसित भारत-2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप तैयार किया गया है।

अधिकारी ने कहा कि पिछली राष्ट्रीय विद्युत नीति वर्ष 2005 में अधिसूचित की गई थी। उस समय बिजली तक पहुंच और बिजली की कमी जैसी अलग तरह की चुनौतियां थीं तथा नवीकरणीय ऊर्जा के नए स्रोत विकसित करना समाधान माना गया था। लेकिन अब चुनौतियां बदल गई हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आज हम एक बिल्कुल अलग स्तर पर हैं। हम पहले ही 300 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता तक पहुंच चुके हैं और अब ग्रिड प्रबंधन और पारेषण प्रणाली का निर्माण समेत अन्य चुनौतियां पूरी तरह अलग हैं।’’

अग्रवाल ने कहा कि स्मार्ट मीटर के लिए देश में ही चिप विकसित करने के कदम भी उठाए जा रहे हैं, ताकि मूल्य श्रृंखला को मजबूत किया जा सके।

कोयला आधारित बिजली उत्पादन के बारे में उन्होंने कहा कि सितंबर में बिजली की मांग में करीब 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा, ‘‘लॉजिस्टिक चुनौतियों का समाधान कर लिया गया है और वर्तमान में प्रतिदिन 440 से अधिक मालगाड़ियां उपलब्ध कराई जा रहीं हैं।

भाषा यासिर अजय

अजय


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