एसईजेड को शुल्क राहत से सीमित घरेलू बिक्री की अनुमति मिलेगी: विशेषज्ञ

एसईजेड को शुल्क राहत से सीमित घरेलू बिक्री की अनुमति मिलेगी: विशेषज्ञ

एसईजेड को शुल्क राहत से सीमित घरेलू बिक्री की अनुमति मिलेगी: विशेषज्ञ
Modified Date: April 3, 2026 / 06:34 pm IST
Published Date: April 3, 2026 6:34 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) विशेषज्ञों ने शुक्रवार को कहा कि विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) में स्थित विनिर्माण इकाइयों को दी गई एकबारगी शुल्क रियायत से उन्हें निर्यात को बनाए रखते हुए सीमित घरेलू बाजार पहुंच मिलेगी।

हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि अपेक्षाकृत मामूली शुल्क राहत होने से इन विशेष आर्थिक क्षेत्रों के संभावित लाभों की सीमा कुछ कम होती है, क्योंकि इसे छोड़े गए शुल्क के सिद्धांत के आधार पर तैयार नहीं किया गया है।

सरकार ने वैश्विक मांग में कमी के मद्देनजर घरेलू बाजार में अपना सामान बेचने में मदद करने के लिए एसईजेड की इकाइयों को एक साल के लिए सीमित शुल्क रियायतें दी हैं।

डेलॉयट इंडिया में साझेदार गुलजार डिडवानिया ने कहा, ”इसका नतीजा यह है कि यह उपाय आयात प्रतिस्थापन के उद्देश्य को पूरी तरह से संबोधित करने या घरेलू शुल्क क्षेत्र (डीटीए) की जरूरतों के लिए एसईजेड इकाइयों द्वारा घरेलू खरीद को महत्वपूर्ण रूप से प्रोत्साहित करने में नाकाम है।”

उन्होंने कहा कि यह उपाय भारत की निर्यात रणनीति में एक सूक्ष्म बदलाव को दर्शाता है, जो एसईजेड इकाइयों को उनके निर्यात-उन्मुख चरित्र को सुरक्षित रखते हुए सीमित घरेलू बाजार पहुंच की अनुमति दे रहा है।

परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के चेयरमैन ए शक्तिवेल ने कहा कि यह उपाय उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण समय पर आया है और इससे लागत के दबाव को कम करने, नकदी में सुधार करने और कपड़ा तथा परिधान निर्यातकों के लिए उत्पादन निरंतरता का समर्थन करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, ”यह उपाय उन कपड़ा और परिधान निर्यातकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो इस समय बढ़ती लागत, मूल्य निर्धारण के दबाव और अनिश्चित वैश्विक मांग का सामना कर रहे हैं।”

भाषा पाण्डेय प्रेम

प्रेम


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