हिमाचल प्रदेश के आठ उत्पादों को मिला जीआई का दर्जा
हिमाचल प्रदेश के आठ उत्पादों को मिला जीआई का दर्जा
शिमला, एक जुलाई (भाषा) हिमाचल प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और कृषि महत्व वाले आठ पारंपरिक उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (जीआई) का दर्जा मिला है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
जीआई का दर्जा पाने वाले नए उत्पादों में स्पीति का सीबकथॉर्न (छरमा), सलूणी सफेद मक्का, चंबा धातु कला, सिरमौरी लोइया, किन्नौरी टोपी, मंडी की सेपूवड़ी, किन्नौरी सेब और किन्नौरी आभूषण शामिल हैं।
इसके साथ ही अब राज्य के कुल 17 पारंपरिक उत्पादों को हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद के माध्यम से जीआई का दर्जा मिल चुका है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन पारंपरिक उत्पादों को जीआई का दर्जा मिलने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार द्वारा पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रोत्साहन के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चार अन्य स्वदेशी उत्पादों को भी जीआई का दर्जा दिलाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है। इनमें चंबा के पांगी क्षेत्र का भोट जौ, चंबा चुख, चंबा के भरमौर क्षेत्र का प्लेक्ट्रैंथस शहद और सिरमौर की अदरक शामिल हैं।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन उत्पादों के जीआई पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
भाषा यासिर अजय
अजय

Facebook


