बिजली की खपत मार्च में मामूली 1.8 प्रतिशत बढकर 150 अरब यूनिट पर
बिजली की खपत मार्च में मामूली 1.8 प्रतिशत बढकर 150 अरब यूनिट पर
नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) देश में बिजली की खपत मार्च में मामूली 1.8 प्रतिशत बढ़कर 149.56 अरब यूनिट रही। बेमौसम बारिश के कारण एयर कंडीशनर और कूलर के कम उपयोग से बिजली की खपत में वृद्धि कम हुई है।
एक साल पहल इसी महीने में बिजली की खपत 146.92 अरब यूनिट थी।
देश भर में रुक-रुक कर हो रही बारिश से तापमान कम बना हुआ है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष मार्च में बिजली की अधिकतम मांग या आपूर्ति बढ़कर 238.37 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) हो गई।
मई, 2024 में अधिकतम बिजली मांग लगभग 250 गीगावाट के अबतक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले, बिजली की अधिकतम मांग 243.27 गीगावाट सितंबर, 2023 में रही थी।
पिछले साल गर्मी (अप्रैल 2025 से) के दौरान, जून में अधिकतम बिजली मांग 242.77 गीगावाट तक पहुंची थी, लेकिन यह सरकार के 277 गीगावाट के अनुमान से कम रही।
विद्युत मंत्रालय ने इस वर्ष गर्मी के दौरान अधिकतम बिजली की मांग लगभग 270 गीगावाट रहने का अनुमान लगाया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, इस वर्ष मार्च में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। बारिश के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में कमी आई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बेमौसम बारिश के कारण तापमान कम होने से एयर कंडीशनर और कूलर जैसे उपकरणों का उपयोग कम रहा है। इससे देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर उत्तर भारत में बिजली की मांग और खपत में कमी आई।
विशेषज्ञों ने अप्रैल में भी बिजली की खपत और मांग में धीमी वृद्धि का अनुमान जताया है, क्योंकि अधिक बारिश के कारण गर्मी की शुरुआत में देरी होगी।
मौसम विभाग ने कहा है कि अप्रैल में देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है।
हालांकि, इस दौरान पूर्वी और उत्तरपूर्वी भारत के कई हिस्सों और उत्तर-पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है।
साथ ही, दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ दूरदराज के क्षेत्रों को छोड़कर, देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
भाषा रमण अजय
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