ईरान युद्ध के बीच यूरोप के पास ‘‘केवल छह सप्ताह का विमान ईंधन बचा’’ है : आईईए प्रमुख

ईरान युद्ध के बीच यूरोप के पास ‘‘केवल छह सप्ताह का विमान ईंधन बचा’’ है : आईईए प्रमुख

ईरान युद्ध के बीच यूरोप के पास ‘‘केवल छह सप्ताह का विमान ईंधन बचा’’ है : आईईए प्रमुख
Modified Date: April 16, 2026 / 04:47 pm IST
Published Date: April 16, 2026 4:47 pm IST

पेरिस, 16 अप्रैल (एपी) अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के प्रमुख फातिह बिरोल ने बृहस्पतिवार को कहा कि यूरोप के पास ‘‘संभवत: करीब छह हफ्ते का विमान ईंधन ही बचा है’’ और यदि ईरान युद्ध के कारण तेल आपूर्ति बाधित रहती है तो जल्द ही उड़ानें रद्द हो सकती हैं।

आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) के साथ साक्षात्कार में पश्चिम संकट के वैश्विक प्रभावों की गंभीर स्थिति बयां करते हुए इसे ‘‘अब तक का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट’’ करार दिया।

होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये तेल, गैस एवं अन्य महत्वपूर्ण आपूर्ति के बाधित होने से यह ऊर्जा संकट’’ उत्पन्न हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘ पहले ‘डायर (भयानक) स्ट्रेट्स’ नाम का एक समूह था। अब यह सचमुच एक ‘डायर स्ट्रेट’ बन गया है और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ेगा। यह जितना लंबा चलेगा, वैश्विक आर्थिक वृद्धि और महंगाई के लिए उतना ही खराब होगा।’’

बिरोल ने कहा कि इसका प्रभाव “पेट्रोल (गैसोलीन) की ऊंची कीमतें, गैस की बढ़ती कीमतें और बिजली की महंगी दरों’’ के रूप में दिखाई देगा जबकि दुनिया के कुछ हिस्से दूसरों की तुलना में अधिक प्रभावित होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘ सबसे ज्यादा असर एशियाई देशों पर पड़ेगा’’ जो पश्चिम एशिया से ऊर्जा पर निर्भर हैं जिनमें जापान, दक्षिण कोरिया, भारत, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश शामिल हैं।

बिरोल ने कहा, ‘‘ इसके बाद इसका प्रभाव यूरोप और अमेरिका पर पड़ेगा।’’

उन्होंने आगाह किया कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा नहीं खुलता है, तो ‘‘ जल्द ही हम यह खबर सुन सकते हैं कि विमान ईंधन की कमी के कारण एक शहर से दूसरे शहर के लिए उड़ानें रद्द की जा सकती हैं।’’

एपी निहारिका अजय

अजय


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