PM Modi Speech On Women Reservation : “अखिलेश मेरे मित्र हैं, वो मदद कर देते हैं”, संसद में सपाई सांसदों ने टोका तो पीएम मोदी ने दिया ऐसा जवाब, अखिलेश यादव का रिएक्शन वायरल

महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अखिलेश यादव के बीच सदन में हल्का-फुल्का संवाद देखने को मिला। पीएम ने विपक्ष से इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी अब समय की मांग है।

PM Modi Speech On Women Reservation : “अखिलेश मेरे मित्र हैं, वो मदद कर देते हैं”,  संसद में सपाई सांसदों ने टोका तो पीएम मोदी ने दिया ऐसा जवाब, अखिलेश यादव का रिएक्शन वायरल

PM Modi Speech On Women Reservation / Image Source : FILE

Modified Date: April 16, 2026 / 05:37 pm IST
Published Date: April 16, 2026 5:33 pm IST
HIGHLIGHTS
  • महिला आरक्षण पर बहस के बीच पीएम मोदी और अखिलेश यादव के बीच दिखा हल्का पल
  • पीएम बोले—30 साल पहले ही लागू हो जाना चाहिए था यह कानून
  • विपक्ष से अपील—राजनीति से ऊपर उठकर करें समर्थन

नई दिल्ली :PM Modi Speech On Women Reservation प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों से एकजुट होकर समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश की आधी आबादी को नीति निर्धारण का हिस्सा बनाने के लिए समय की मांग है। संबोधन के दौरान जब सपा सांसदों ने टोकना शुरू किया, तो पीएम मोदी और अखिलेश यादव के बीच दिलचस्प संवाद भी देखने को मिला, जिससे सदन का माहौल खुशनुमा हो गया।

अखिलेश यादव के साथ दिलचस्प संवाद

भाषण के दौरान जब सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने हस्तक्षेप किया, तो पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मैं आपका आभारी हूं कि आपने मेरी पहचान करा दी। यह सच है कि मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं।” इसी दौरान उन्होंने सपा अध्यक्ष की ओर देखते हुए कहा, “अखिलेश जी मेरे मित्र हैं, वे कभी-कभी मेरी मदद कर देते हैं।” Women Reservation Bill Debate पीएम की इस टिप्पणी पर अखिलेश यादव अपनी हंसी नहीं रोक पाए और उन्होंने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया। पीएम ने आगे कहा कि संविधान की ताकत है कि उनके जैसे अति पिछड़े समाज के व्यक्ति को देश ने यह जिम्मेदारी दी है।

30 साल पहले ही लागू हो जाना चाहिए था

पीएम मोदी ने अफसोस जताते हुए कहा कि महिला आरक्षण का विचार 25-30 साल पहले ही सामने आ गया था और इसे तभी लागू कर दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि हम सभी भाग्यशाली हैं कि हमें राष्ट्र निर्माण की इस प्रक्रिया में महिलाओं को हिस्सेदार बनाने का सुअवसर मिला है। उन्होंने विपक्षी दलों को चेतावनी भरे लहजे में सलाह दी कि जो लोग केवल राजनीति के लिए इसका विरोध करेंगे, देश की महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी।

राजनीतिक नफा-नुकसान से ऊपर उठने की अपील

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2024 के चुनाव में इस पर आम सहमति बनी थी, जिससे किसी एक दल को नहीं बल्कि लोकतंत्र को फायदा हुआ। उन्होंने विपक्ष से कहा, “इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है। जिन लोगों को इसमें राजनीति की बू आ रही है, वे पिछले 30 सालों के परिणामों को देख लें। अगर सब साथ चलते हैं, तो यह किसी एक पक्ष की नहीं बल्कि देश के लोकतंत्र की जीत होगी।”

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..