लग्जरी कार खंड में ईवी की पैठ जीएसटी सुधारों के बाद घटी

लग्जरी कार खंड में ईवी की पैठ जीएसटी सुधारों के बाद घटी

लग्जरी कार खंड में ईवी की पैठ जीएसटी सुधारों के बाद घटी
Modified Date: January 4, 2026 / 10:52 am IST
Published Date: January 4, 2026 10:52 am IST

नयी दिल्ली, चार जनवरी (भाषा) लग्जरी कार खंड में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की पैठ में ‘जीएसटी 2.0’ सुधारों के बाद लगभग तीन प्रतिशत की गिरावट हुई है। उद्योग से जुड़े लोगों ने बताया कि अब इंटरनल कंबशन इंजन (आईसीई) संस्करण वाली गाड़ियां स्वामित्व की कुल लागत के मामले में बेहतर विकल्प दे रही हैं।

वैसे तो ये रुझान किफायती और मध्यम खंड में भी दिखाई दे रहे हैं, लेकिन ऐसा शुरुआती लक्जरी खंड में खासतौर से देखा जा रहा है, जहां नई जीएसटी दरों के तहत ईवी और आईसीई के बीच कीमत का अंतर बढ़ गया है।

मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ संतोष अय्यर ने पीटीआई-भाषा को बताया, ”अगर मैं अक्टूबर और नवंबर (2025) को देखूं, तो व्यापक बाजार के साथ ही लग्जरी में भी यह 2 से 3 प्रतिशत घटा है। अब ईवी की तुलना में आईसीई का टीसीओ बहुत बेहतर है। जब ये समीकरण बदलेगा, हम ईवी की पैठ में बदलाव देख सकते हैं।”

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उन्होंने कहा कि यह उतार-चढ़ाव शुरुआती लग्जरी ईवी खंड में ज्यादा है, और मर्सिडीज-बेंज इंडिया के ज्यादातर ईवी मॉडल अत्यधिक लग्जरी खंड के हैं। मर्सिडीज-बेंज इंडिया की कुल बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी आठ प्रतिशत है, लेकिन 1.5 करोड़ रुपये से अधिक की गाड़ियों में यह 20 प्रतिशत है।

बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष और सीईओ हरदीप सिंह बरार ने कहा, ”हालांकि जीएसटी 2.0 ने हमारे आईसीई पोर्टफोलियो को और अधिक आकर्षक बना दिया है, लेकिन हम ईवी की मांग में भी मजबूत और निरंतर गति देख रहे हैं। आज ग्राहक केवल कीमत से प्रेरित नहीं हैं। वे स्थिरता, गाड़ी चलाने की कम लागत और भविष्य के लिए तैयार तकनीक को महत्व देते हैं।”

उन्होंने कहा कि बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया ने आईसीई मॉडल पर जीएसटी कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों तक पहुंचाया है, जिससे कीमतों में औसतन 6.7 प्रतिशत की कमी आई है।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय


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