महत्वपूर्ण खनिजों के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट

महत्वपूर्ण खनिजों के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट

महत्वपूर्ण खनिजों के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट
Modified Date: February 1, 2026 / 05:04 pm IST
Published Date: February 1, 2026 5:04 pm IST

नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) सरकार ने ओडिशा और तमिलनाडु जैसे खनिज संपन्न राज्यों में समर्पित गलियारों का रविवार को प्रस्ताव रखा और खनन एवं प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण को आवश्यक पूंजीगत वस्तुओं पर आयात शुल्क में छूट देने की घोषणा की।

सरकार द्वारा आयात पर निर्भरता कम करने के लिए दुर्लभ या महत्वपूर्ण खनिजों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने के मद्देनजर यह बात महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि ये खनिज इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक, वैमानिकी और रक्षा अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने के लिए बहुत उपयोगी हो सकते हैं।

लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘‘ भारत में महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तुओं के आयात पर बुनियादी सीमा शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव है।’’

उन्होंने बताया कि दुर्लभ खनिज स्थायी चुंबक के लिए एक योजना नवंबर, 2025 में शुरू की गई थी।

वित्त मंत्री ने महत्वपूर्ण खनिज अनुभाग के अंतर्गत ‘मोनाजाइट’ पर सीमा शुल्क को मौजूदा 2.5 प्रतिशत से घटाकर शून्य करने का प्रस्ताव भी रखा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इससे पहले नवंबर 2025 में 7,280 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ ‘सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के निर्माण को बढ़ावा देने की योजना’ को मंजूरी दी थी।

भाषा अजय निहारिका

अजय


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