फेडरल बैंक का चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 22 प्रतिशत बढ़कर 1,341 करोड़ रुपये पर
फेडरल बैंक का चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 22 प्रतिशत बढ़कर 1,341 करोड़ रुपये पर
मुंबई, 29 अप्रैल (भाषा) निजी क्षेत्र के फेडरल बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में 22 प्रतिशत बढ़कर 1,341 करोड़ रुपये रहा।
बैंक ने वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 1,091 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।
फेडरल बैंक ने बताया कि उसे आयकर रिफंड पर ब्याज के रूप में 456 करोड़ रुपये का एकमुश्त लाभ मिला है। लेकिन इस पूरी रकम को उसने अलग प्रावधान मद में रख दिया है, ताकि जब नई रूपरेखा लागू हों और भविष्य में अतिरिक्त प्रावधान करने की जरूरत पड़े, तो उसका उपयोग किया जा सके।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए प्रावधान दिशानिर्देश अगले वर्ष अप्रैल से लागू होने की संभावना है, जिसके तहत बैंकों को ऋण हानि की आशंका (एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस) के आधार पर प्रावधान करना होगा।
बैंक प्रबंधन ने नए ढांचे में बदलाव के लिए आवश्यक अतिरिक्त प्रावधानों की राशि का खुलासा नहीं किया।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बैंक की मुख्य शुद्ध ब्याज आय बढ़कर 3,173 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 2,337 करोड़ रुपये थी। यदि आयकर रिफंड को हटाया जाए तो यह आय 2,717 करोड़ रुपये रह जाती है।
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में बैंक ने 12 प्रतिशत की ऋण वृद्धि दर्ज की, जबकि शुद्ध ब्याज मार्जिन बढ़कर 3.20 प्रतिशत हो गया (रिफंड लाभ को छोड़कर), जो पिछली तिमाही में 3.18 प्रतिशत था।
फेडरल बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के. वी. एस. मणियन ने कहा कि एकमुश्त लाभ को हटाने के बाद भी यह बैंक के लिए लाभ के लिहाज से अब तक की सबसे मजबूत तिमाही है।
उन्होंने कहा कि ऋण वृद्धि की मौजूदा गति आगे भी बनी रहने की संभावना है।
भाषा योगेश रमण
रमण

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