नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा आर्थिक सहयोग एवं निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फ्रांस की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर बुधवार को रवाना हुईं। इस दौरान वह उच्च स्तरीय बैठकों, आर्थिक संवाद और निवेशकों के साथ चर्चाओं में भाग लेंगी।
आधिकारिक बयान के अनुसार, इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण आइक्स-एन-प्रोवेंस में होने वाला भारत-फ्रांस आर्थिक एवं वित्तीय संवाद (ईएफडी) होगा। सीतारमण, फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त एवं औद्योगिक एवं ऊर्जा मंत्री रोलेंड लेस्क्यूर के साथ इसकी सह-अध्यक्षता करेंगी।
ईएफडी के तहत दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा करेंगे।
इस दौरान वित्त मंत्री कुछ चुनिंदा वैश्विक सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारियों) के साथ बैठकें करेंगी। प्रमुख व्यापारिक नेताओं के साथ गोलमेज बैठक में भाग लेंगी, जिसमें भारत की मजबूत वृहद आर्थिक बुनियाद, मौजूदा संरचनात्मक सुधार, बढ़ते निवेश अवसर और दीर्घकालिक वृद्धि संभावनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा।
वित्त मंत्री यूरोप के प्रमुख वार्षिक वैश्विक आर्थिक एवं सार्वजनिक नीति मंचों में से एक ‘ले रेन्कोंत्रे इकॉनमिक्स डी आइक्स-एन-प्रोवेंस’ में ‘‘नए मध्यम वर्ग के विकास को कैसे बढ़ावा दें’’ विषय पर चर्चा में भी भाग लेंगी।
अपने कार्यक्रम के तहत वह इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (आईटीईआर) परियोजना का भी दौरा करेंगी, जो दुनिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक परियोजनाओं में से एक है। इसमें भारत और फ्रांस सहित 30 से अधिक देश शामिल हैं और सहयोग कर रहे हैं।
इसके अलावा वह कैम्पस साइबर का दौरा करेंगी, जो फ्रांस का राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नवाचार, अनुसंधान एवं कौशल विकास केंद्र है। यहां साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और डिजिटल अर्थव्यवस्था में नवोन्मेषण बढ़ाने पर चर्चा होगी।
वित्त मंत्री सीतारमण प्रोवेंस-आल्प्स-कोटे द’जूर (पीएसीए) क्षेत्र के अध्यक्ष रेनो म्यूजेलिएर से भी मुलाकात करेंगी। उनसे से वह निवेश, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय आर्थिक साझेदारी जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी।
यात्रा के अंतिम दिन वित्त मंत्री फ्रांस में भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों से भी संवाद करेंगी।
भाषा निहारिका अजय
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