फोव की ‘वॉटर इमल्शन’ प्रौद्योगिकी से साफ होगा भारतीय रिफाइनरी इकाइयों का गंदा ईंधन
फोव की 'वॉटर इमल्शन' प्रौद्योगिकी से साफ होगा भारतीय रिफाइनरी इकाइयों का गंदा ईंधन
नयी दिल्ली, 19 सितंबर (भाषा) भारतीय रिफाइनरी इकाइयों से निकलने वाले गंदे ईंधन को फोव की ‘वॉटर इमल्शन’ तकनीक से साफ किया जाएगा। यह ईंधन दिल्ली और दुनिया के कई अन्य शहरों में प्रतिबंधित है।
मोनाको स्थित फोव इको सॉल्यूशंस (एफओडब्ल्यूई) भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को एक पेटेंट वाली प्रौद्योगिकी की मदद से गंदे ईंधन को साफ करने में मदद कर रही है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी होगी और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
फोव के मुख्य परिचालन अधिकारी हेमंत सोंधी ने कहा कि उसके कैविटेक उपकरण की मदद से फर्नेस ऑयल को साफ किया जाता है, जिससे ‘पार्टिकुलेट’ पदार्थ में काफी कमी होती है। ग्रीनहाउस गैस में मुख्य रूप से योगदान करने वाले नाइट्रोजन ऑक्साइड (एनओएक्स) का उत्सर्जन काफी कम होता है और ईंधन दक्षता में सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी तकनीक की पेशकश भारतीय कंपनियों, खासतौर से रिफाइनरी इकाइयों को कर रहे हैं।”
भाषा पाण्डेय अजय
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