मुक्त व्यापार समझोतों से फर्नीचर निर्यात, घरेलू विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा : उद्योग

मुक्त व्यापार समझोतों से फर्नीचर निर्यात, घरेलू विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा : उद्योग

मुक्त व्यापार समझोतों से फर्नीचर निर्यात, घरेलू विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा : उद्योग
Modified Date: June 14, 2026 / 12:12 pm IST
Published Date: June 14, 2026 12:12 pm IST

नयी दिल्ली, 14 जून (भाषा) भारत द्वारा हाल के वर्षों में किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से देश के फर्नीचर उद्योग के निर्यात और घरेलू विनिर्माण को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इन समझौतों के तहत मिलने वाली शुल्क रियायतें भारतीय कंपनियों को विदेशी बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देंगी तथा देश में निवेश और उत्पादन क्षमता विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा।

भारत ने अब तक मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) समूह और ओमान के साथ एफटीए लागू किए हैं। इसके अलावा न्यूजीलैंड और ब्रिटेन के साथ ऐसे समझौते किए जा चुके हैं, जबकि यूरोपीय संघ के साथ वार्ता पूरी होने की घोषणा की गई है।

देश इजराइल, कनाडा, पेरू, चिली, खाड़ी सहयोग परिषद (बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब) तथा यूरेशियन आर्थिक संघ (आर्मेनिया, बेलारूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान और रूस) के साथ भी इसी प्रकार के व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है।

गुजरात स्थित निप्पॉनप्लाई इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक केतन ठक्कर ने कहा कि इन समझौतों से भारतीय फर्नीचर उद्योग के लिए निर्यात के बड़े अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा कि कंपनी ने पहले ही निर्यात शुरू कर दिया है और भारतीय उत्पाद वैश्विक मानकों पर खरे उतरते हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी मांग है।

ठक्कर ने कहा कि इस क्षेत्र में आयात प्रतिस्थापन की भी व्यापक संभावनाएं हैं। भारत अभी बड़ी मात्रा में उच्च श्रेणी के कार्यालय और घरेलू फर्नीचर उत्पादों का आयात करता है, जबकि इन्हें देश में ही निर्मित किया जा सकता है।

निप्पॉनप्लाई इंडस्ट्रीज की परियोजना प्रमुख आस्था ठक्कर ने बताया कि कंपनी को डाइनिंग और ऑफिस टेबल-चेयर, कॉन्फ्रेंस टेबल तथा मोनोलिथिक बफे टेबल जैसे उत्पादों के लिए अच्छी पूछताछ मिल रही है। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों में अग्निरोधी सतह प्रणाली के साथ खरोंच और दाग-धब्बों से सुरक्षा देने वाली विशेष सतहें हैं।

कंपनी ने हाल ही में ‘ऑरा’ नाम से प्रीमियम घरेलू और कार्यालय उत्पादों की नई श्रृंखला पेश की है। कंपनी के निदेशक स्मित ठक्कर के अनुसार, ये उत्पाद कंपनी की पेटेंट प्राप्त प्रौद्योगिकी पर आधारित हैं, जिससे उनकी मजबूती और आकर्षण बढ़ता है।

भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) के कुलपति राकेश मोहन जोशी ने कहा कि एफटीए ने भारतीय फर्नीचर उद्योग के लिए निर्यात के विशाल अवसर उपलब्ध कराए हैं और उद्योग को इनका पूरा लाभ उठाना चाहिए।

इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए भारत क्लस्टर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (बीसीवीपीएल) के संस्थापक अमित आर. बरोट ने कहा कि उनकी कंपनी यूरोप और अमेरिका को निर्यात कर रही है तथा अन्य बाजारों में भी अवसर तलाश रही है।

इस महीने की शुरुआत में स्वीडन की फर्नीचर और घरेलू साज-सज्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आइकिया ने भारत में एक नई उत्पाद विकास कंपनी स्थापित करने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य घरेलू और वैश्विक बाजारों के लिए किफायती तथा स्थानीय जरूरतों के अनुरूप उत्पाद विकसित करना है।

अनुमानों के अनुसार, भारतीय फर्नीचर बाजार का आकार 30 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। वर्तमान में भारत वैश्विक फर्नीचर निर्यातकों में 16वें स्थान पर है।

भाषा अजय अजय

अजय


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