भविष्य के कार्यबल को एआई को लेकर आत्मविश्वासी होना होगाः चौधरी

भविष्य के कार्यबल को एआई को लेकर आत्मविश्वासी होना होगाः चौधरी

भविष्य के कार्यबल को एआई को लेकर आत्मविश्वासी होना होगाः चौधरी
Modified Date: January 2, 2026 / 10:17 pm IST
Published Date: January 2, 2026 10:17 pm IST

नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि भारत के भविष्य के कार्यबल को केवल डिजिटल रूप से जागरूक ही नहीं, बल्कि कृत्रिम मेधा (एआई) को लेकर आत्मविश्वासी भी होना चाहिए।

चौधरी ने कहा कि एआई युग में रोजगार और कौशल की बदलती जरूरतों को देखते हुए देश को बड़े पैमाने पर एआई जागरूकता और क्षमता निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

उन्होंने एआई लर्निंग मॉड्यूल ‘एसओएआर’ को सफलतापूर्वक पूरा किया जिसका उद्देश्य देशभर में एआई जागरूकता और कौशल विकास को लेकर एक व्यापक अभियान खड़ा करना है।

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एसओएआर कार्यक्रम की शुरुआत पिछले साल जुलाई में हुई थी। इसके तहत स्कूल छात्रों, शिक्षकों, कामकाजी पेशेवरों और आजीवन सीखने वालों के लिए तैयार पाठ्यक्रम के जरिये एआई शिक्षा को सुलभ बनाया जा रहा है।

इस मौके पर चौधरी ने आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार मंत्री नारा लोकेश राव, प्रसार भारती के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) गौरव द्विवेदी और अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) के अध्यक्ष नितिन नारंग को भी एसओएआईर की चुनौती अपनाने के लिए नामित किया।

उन्होंने कहा, “‘हम हर नागरिक को सीखने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं और उन्हें एआई-सक्षम भविष्य के लिए तैयार करना चाहते हैं। एसओएआर सिर्फ एक कौशल विकास कार्यक्रम न होकर एक राष्ट्रीय मिशन है। इसका लक्ष्य एआई को लेकर आत्मविश्वास, क्षमता और जिज्ञासा पैदा करना है।”

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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