जम्मू-कश्मीर में चरणबद्ध तरीके से बनेंगे भविष्य उन्मुख आईटी पार्क
जम्मू-कश्मीर में चरणबद्ध तरीके से बनेंगे भविष्य उन्मुख आईटी पार्क
जम्मू, 13 मार्च (भाषा) जम्मू-कश्मीर सरकार केंद्र शासित प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से भविष्य उन्मुख सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पार्क स्थापित करने जा रही है। इसकी शुरुआत शहर के बाहरी क्षेत्र स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जम्मू परिसर में नवाचार एवं अनुसंधान पार्क से होगी।
अधिकारियों ने बताया कि आईआईटी जम्मू के ‘बोर्ड ऑफ गवर्नर्स’ के पांच जनवरी 2026 को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी देने से इस पहल को और बढ़ावा मिला है। वहीं जम्मू-कश्मीर सरकार ने सहयोग के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति भी दे दी है।
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने इस परियोजना की व्यापक कार्ययोजना की समीक्षा की। इस परियोजना का उद्देश्य केंद्रशासित प्रदेश के प्रौद्योगिकी तंत्र को मजबूत करना, रोजगार के अवसर उत्पन्न करना और भविष्य की प्रौद्योगिकी चुनौतियों से निपटने के लिए संस्थागत क्षमता विकसित करना है।
अधिकारियों ने कहा, ‘‘ आईआईटी परिसर से शुरू होकर बाद में इसे केंद्र शासित प्रदेश के अन्य स्थानों तक विस्तारित करने के लिए नवाचार और अनुसंधान पार्क की विस्तृत योजना तैयार की जा रही है।’’
प्रस्ताव के अनुसार, यह परियोजना तीन चरणों में लागू की जाएगी। पहला चरण मई–जून 2026 में शुरू होगा। इस चरण के तहत आईआईटी जम्मू में मौजूद लगभग 50,000 वर्ग फुट निर्मित क्षेत्र को उन्नत कर सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार पार्क का संचालन शुरू किया जाएगा।
दूसरे चरण में करीब 1,20,000 वर्ग फुट अतिरिक्त बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। इसका काम वर्ष 2026 में शुरू होने और 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं तीसरे चरण में सूचना प्रौद्योगिकी पार्क को संस्थान परिसर से बाहर भी विस्तारित किया जाएगा, जिससे उद्योगों की व्यापक भागीदारी एवं प्रौद्योगिकी आधारित विकास को बढ़ावा मिल सके।
अधिकारियों ने बताया कि आगामी चरणों में विस्तार के लिए कश्मीर संभाग में भूमि की पहचान भी की गई है। साथ ही भविष्य के विकास के लिए आईआईटी जम्मू परिसर के पास अतिरिक्त भूमि चिन्हित करने का प्रस्ताव है।
आईआईटी जम्मू में प्रस्तावित नवाचार अनुसंधान पार्क का निर्मित क्षेत्र 11,000 वर्ग मीटर से अधिक होगा और इसमें कई कार्यात्मक मंजिलें होंगी। इनमें नवाचार प्रयोगशालाएं, प्रौद्योगिकी कंपनियां, नवउद्यम तथा अनुसंधान सहयोग के लिए स्थान के साथ उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कहा कि प्रौद्योगिकी भविष्य की अर्थव्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और इसके लिए भविष्य के अनुरूप मानव संसाधन, बुनियादी ढांचे और संस्थानों का निर्माण आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करेगी, स्टार्टअप तंत्र को मजबूत करेगी और प्रौद्योगिकी कंपनियों को आकर्षित करेगी जिससे जम्मू-कश्मीर नवाचार व डिजिटल विकास के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित हो सकेगा।
डुल्लू ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे आईआईटी जम्मू के साथ समन्वय कर परियोजना को समय पर लागू करें और प्रौद्योगिकी आधारित विकास के लिए मजबूत तंत्र विकसित करें।
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा

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