Ambikapur Fire Brigade Problems : साहब… आग लगने के बाद कुआँ खुदवाएँगे क्या?”दमकल तो है लेकिन पानी का इंतज़ाम नहीं, विभाग ने प्रशासन को लिखा पत्र

अंबिकापुर में फायर हाइड्रेंट सिस्टम की कमी के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है, जिससे शहर में बड़े खतरे की आशंका बढ़ गई है।

Ambikapur Fire Brigade Problems : साहब… आग लगने के बाद कुआँ खुदवाएँगे क्या?”दमकल तो है लेकिन पानी का इंतज़ाम नहीं, विभाग ने प्रशासन को लिखा पत्र

Ambikapur Fire Brigade Problems / Image Source ; IBC24

Modified Date: May 2, 2026 / 01:59 pm IST
Published Date: May 2, 2026 1:59 pm IST
HIGHLIGHTS
  • शहर में फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगभग खत्म, सिर्फ 2 प्वाइंट बचे
  • पानी की कमी के कारण आग पर काबू पाने में हो रही देरी
  • एक महीने में आगजनी की 40 घटनाएं, 5 गुना बढ़ोतरी

अंबिकापुर :Ambikapur Fire Brigade Problems छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में आग लगने पर दमकल विभाग को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करना पड़ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण शहर में फायर हाइड्रेंट सिस्टम का न होना है, जिससे विभाग काफी परेशान है। जिस शहर में कभी 6 फायर हाइड्रेंट प्वाइंट हुआ करते थे, वह अब 2 ही प्वाइंट से काम चला रहा है। यही कारण है कि अग्निशमन विभाग ने निगम को पत्र लिखकर इस खतरे से निजात दिलाने की मांग की है, तो वहीं अब निगम प्रबंधन इस ओर गंभीरता से प्रयास कर व्यवस्था करने की बात कह रहा है।

Fire Hydrant System Crisis समय पर पानी न मिलने से बढ़ी आग

अंबिकापुर के हृदय स्थल श्रीराम रोड में स्थित मुकेश प्लास्टिक व पटाखे की दुकान में लगी आग पर समय रहते काबू पाया जा सकता था। यहां समय पर दमकल की गाड़ियां भी पहुंच गई थीं, मगर समय पर पानी उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण आग बढ़ती गई और सबकुछ जलकर स्वाहा हो गया। अंबिकापुर में आग लगने पर अब यह खतरा मंडरा रहा है कि पानी की व्यवस्था नहीं हो पाने के कारण दमकल विभाग आग पर काबू नहीं पा सकेगा।

फायर हाइड्रेंट सिस्टम की कमी बड़ी वजह

इसका सबसे बड़ा कारण शहर में फायर हाइड्रेंट सिस्टम का न होना है। दरअसल, फायर हाइड्रेंट सिस्टम वह व्यवस्था है जहां हमेशा पानी उपलब्ध रहता है और पानी सीधे दमकल की गाड़ियों में प्रेशर के साथ भरा जाता है। पूर्व में अंबिकापुर शहर में 6 स्थानों पर ये प्वाइंट बनाए गए थे, मगर शहर बढ़ने के साथ सारे प्वाइंट गायब हो गए और अब सिर्फ 2 स्थानों पर ही बचे हैं, जिससे पानी रिफिल करने में भारी समस्या आती है। यही कारण है कि दमकल विभाग ने कलेक्टर व महापौर को पत्र लिखकर फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाने की मांग की है।

Ambikapur Municipal Corporation बढ़ती घटनाएं और संसाधनों की कमी

दमकल विभाग का कहना है कि इस बार गर्मी काफी ज्यादा है, जिसके कारण एक महीने के भीतर ही आगजनी की करीब 40 घटनाएं सामने आई हैं, जो बाकी गर्मी के दिनों की तुलना में करीब 5 गुना है। इसके अलावा विभाग का कहना है कि उनके पास संसाधनों की भी कमी है, जिसके कारण ऊंचाई पर आग लगने पर उस पर काबू पाना मुश्किल होता है।

हर साल बढ़ता खतरा

हर साल गर्मी के समय अंबिकापुर शहर में आग लगने के करीब 100 से ज्यादा मामले सामने आते हैं, जिनमें कई बार आगजनी काफी बड़ी होती है। ऐसे में अग्निशमन विभाग ने पानी की कमी और प्वाइंट नहीं होने पर बड़े खतरे की ओर इशारा किया है। निगम प्रबंधन भी यह मान रहा है कि निगम को यह व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए। ऐसे में इसके लिए निगम अधिकारियों से चर्चा कर समय रहते व्यवस्था करने की बात कही जा रही है।

जरूरी स्थानों पर प्वाइंट बनाने की मांग

गर्मी ने दस्तक दे दी है और अब आग लगने की घटनाएं भी तेजी से बढ़ गई हैं। ऐसे में समय रहते अगर इस ओर गंभीर प्रयास करते हुए व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो परिणाम भयावह हो सकते हैं। ऐसे में शहर के अंबेडकर चौक, प्रतापपुर चौक, खरसिया चौक, बिलासपुर चौक इलाके में प्वाइंट बनाने की जरूरत है, ताकि समय पड़ने पर इनका उपयोग किया जा सके और खतरे को टाला जा सके।

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