जीएसटीएन पर कंपनियों के अतिरिक्त कारोबार स्थल की जियोकोडिंग भी उपलब्ध

जीएसटीएन पर कंपनियों के अतिरिक्त कारोबार स्थल की जियोकोडिंग भी उपलब्ध

जीएसटीएन पर कंपनियों के अतिरिक्त कारोबार स्थल की जियोकोडिंग भी उपलब्ध
Modified Date: September 20, 2023 / 07:08 pm IST
Published Date: September 20, 2023 7:08 pm IST

नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के नेटवर्क पर अब देश भर में पंजीकृत कारोबारों के व्यवसाय संबंधी अतिरिक्त स्थान का पता दर्ज करने के लिए जियोकोडिंग की सुविधा शुरू हो गई है।

जियोकोडिंग एक भौतिक पते को भौगोलिक स्थान में परिवर्तित करने की प्रक्रिया है जिसमें अक्षांश और देशांतर का इस्तेमाल होता है। पते की सटीक जानकारी देकर लक्षित डाक और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने में इसकी अहम भूमिका होती है।

इस कदम से एकसमान अप्रत्यक्ष कर प्रणाली के तहत फर्जी पंजीकरणों पर रोक लगेगी। कारोबारी प्रतिष्ठान इनपुट टैक्स क्रेडिट का फर्जी दावा करने के लिए फर्जी पते दर्ज करा देते थे।

जीएसटी नेटवर्क ने करदाताओं के लिए जारी एक परामर्श में कहा कि कारोबार की अतिरिक्त जगह का पता दर्ज करने के लिए जियोकोडिंग सुविधा अब सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में सक्रिय हो चुकी है। इसके पहले फरवरी, 2023 से कारोबार के प्रमुख स्थान की जानकारी दर्ज करने के लिए जियोकोडिंग सुविधा लागू थी।

अभी तक जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) 2.05 करोड़ से अधिक पतों को कारोबार के प्रमुख स्थान एवं अतिरिक्त स्थान दोनों के लिए जियोकोडिंग कर चुका है।

मार्च, 2022 से सभी नए कारोबारी पतों की पंजीकरण के समय ही जियोकोडिंग की जाती है। इससे जीएसटी व्यवस्था को मानक बनाने और सटीकता लाने में मदद मिलती है।

एएमआरजी एंड एसोसिएट्स में वरिष्ठ साझेदार रजत मोहन ने कहा कि जियोकोडिंग के जरिये कारोबार की सटीक भौगोलिक मौजूदगी की जानकारी देकर कर चोरी का पता लगाने में इसकी भूमिका अहम हो जाती है।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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