गोल्ड ईटीएफ में मई में 725 करोड़ रुपये की निकासी, 13 महीने से जारी निवेश का सिलसिला टूटा
गोल्ड ईटीएफ में मई में 725 करोड़ रुपये की निकासी, 13 महीने से जारी निवेश का सिलसिला टूटा
नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में मई महीने में 725 करोड़ रुपये की निकासी की गई। इससे लगातार 13 महीनों से जारी शुद्ध निवेश का सिलसिला टूट गया। सोना न खरीदने को लेकर सरकार की अपील और कई परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों का इन कोष में नए निवेश को रोकना इसकी मुख्य वजह रही।
यह अप्रैल 2025 के बाद पहली निकासी है। उस समय गोल्ड ईटीएफ से 5.82 करोड़ रुपये की मामूली निकासी हुई थी। कुल मिलाकर मई 2025 के बाद से अब तक गोल्ड ईटीएफ में 70,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित हुआ है।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मई में गोल्ड ईटीएफ से 725 करोड़ रुपये की निकासी हुई जबकि अप्रैल में 3,040 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। मार्च में निवेश 2,266 करोड़ रुपये, फरवरी में 5,255 करोड़ रुपये और जनवरी में 24,040 करोड़ रुपये रहा था।
जनवरी में मजबूत निवेश के बाद आने वाले महीनों में यह गति धीरे-धीरे कम होती गई, जिससे यह संकेत मिला कि नई निवेश प्रविष्टियां धीरे-धीरे कम हो रही हैं।
यह उलटफेर मुख्य रूप से सोने की कीमतों में पहले आई तेजी के बाद मुनाफावसूली और निवेशकों की जोखिम लेने की प्रवृत्ति में बदलाव के कारण हुआ है। इससे कुछ निवेशक सुरक्षित निवेश से हटकर अन्य विकल्पों की ओर बढ़े हैं।
आनंद राठी वेल्थ के संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) फिरोज अजीज ने कहा कि सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने, सरकार की सोना न खरीदने की अपील और कुछ एएमसी द्वारा ईटीएफ में निवेश रोकने के कारण निवेशक अधिक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपना रहे हैं।
इसके बावजूद, मई के अंत तक गोल्ड ईटीएफ के अंतर्गत प्रबंधित परिसंपत्तियां (एयूएम) बढ़कर 1,84,571 करोड़ रुपये हो गईं जो अप्रैल के अंत में 1,78,110 करोड़ रुपये थीं।
गोल्ड ईटीएफ ऐसे निष्क्रिय निवेश साधन हैं जो घरेलू भौतिक सोने की कीमतों पर नजर रखते हैं। ये सोने की कीमतों पर आधारित होते हैं और सोने में निवेश करते हैं। एक गोल्ड ईटीएफ यूनिट लगभग एक ग्राम सोने के बराबर होता है और यह उच्च शुद्धता वाले भौतिक सोने द्वारा समर्थित होता है। यह स्टॉक निवेश के लचीलेपन और सोने में निवेश की सरलता दोनों का लाभ प्रदान करता है।
भाषा निहारिका रमण
रमण

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