सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के व्यापार पर संभावित प्रभाव को लेकर हितधारकों के साथ की चर्चा

सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के व्यापार पर संभावित प्रभाव को लेकर हितधारकों के साथ की चर्चा

सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के व्यापार पर संभावित प्रभाव को लेकर हितधारकों के साथ की चर्चा
Modified Date: March 2, 2026 / 05:40 pm IST
Published Date: March 2, 2026 5:40 pm IST

नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) सरकार ने सोमवार को निर्यातकों और लॉजिस्टिक सेवा प्रदाताओं के साथ अंतर-मंत्रालयी विचार-विमर्श किया। इस बैठक का उद्देश्य पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ते तनाव का भारत के व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करना और किसी भी व्यवधान को कम करने के लिए सभी आवश्यक उपायों का भरोसा देना था।

अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को संयुक्त रूप से ईरान पर सैन्य हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और खाड़ी क्षेत्र के अमेरिकी सैन्य ठिकानों के साथ-साथ वैश्विक व्यापार केंद्र दुबई पर भी ड्रोन और मिसाइलें दागीं।

वाणिज्य विभाग द्वारा बुलाई गई इस बैठक में सभी हितधारक मंत्रालयों, प्रमुख लॉजिस्टिक और व्यापार सुविधा भागीदारों के साथ परामर्श किया गया। इसका उद्देश्य उभरती भू-राजनीतिक स्थिति और भारत के निर्यात-आयात (एक्जिम) कार्गो प्रवाह सहित निर्यात व्यवस्था पर इसके संभावित प्रभाव की समीक्षा करना था।

मंत्रालय ने बताया कि हितधारकों ने विकसित होते परिचालन परिवेश का आकलन प्रस्तुत किया। इसमें समुद्री मार्गों और पारगमन समय में परिवर्तन, पोतों के समय निर्धारण में समायोजन, कंटेनर और उपकरणों की उपलब्धता, माल ढुलाई तथा बीमा लागत की प्रवृत्तियों और समय-संवेदनशील निर्यात पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की गई।

प्रतिभागियों ने कार्गो आवाजाही में पूर्वानुमान बनाए रखने, परिहार्य विलंब को न्यूनतम करने और निर्यातकों व आयातकों के लिए निर्बाध दस्तावेज़ीकरण तथा भुगतान प्रक्रिया सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘विभाग ने भारत सरकार की उस प्राथमिकता को दोहराया, जिसमें ‘एक्ज़िम’ (निर्यात-आयात) लॉजिस्टिक की निरंतरता सुनिश्चित करने और भारत के व्यापार प्रवाह में किसी भी प्रकार के व्यवधान को कम करने पर बल दिया गया है।’’

उसने बताया कि बैठक के दौरान हितधारकों के बीच समुद्री मार्गों और क्षमता में होने वाले परिवर्तनों, अधिभार और उपकरणों की उपलब्धता की निगरानी के लिए निरंतर और वास्तविक समय में समन्वय बनाए रखने पर सहमति बनी।

मंत्रालय ने पुष्टि की कि वह सभी हितधारकों और संबंधित मंत्रालयों/विभागों के साथ गहन समन्वय बनाए रखेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत का व्यापार कुशलतापूर्वक संचालित होता रहे और उभरती हुई किसी भी समस्या का समयबद्ध तरीके से समाधान किया जा सके।

इस बैठक की अध्यक्षता विभाग के विशेष सचिव सुचिन्द्र मिश्रा और विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) लव अग्रवाल ने की।

बैठक में लॉजिस्टिक संचालकों, शिपिंग लाइन, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी), वित्तीय सेवा विभाग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक और निर्यात प्रोत्साहन निकायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

भाषा सुमित अजय

अजय


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