सरकार को आईडीबीआई बैंक के लिए संशोधित बोलियां मिलीं

सरकार को आईडीबीआई बैंक के लिए संशोधित बोलियां मिलीं

सरकार को आईडीबीआई बैंक के लिए संशोधित बोलियां मिलीं
Modified Date: July 14, 2026 / 02:57 pm IST
Published Date: July 14, 2026 2:57 pm IST

नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) सरकार को आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री के लिए फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स और एमिरेट्स एनबीडी से संशोधित वित्तीय बोलियां मिली हैं। सूत्रों ने मंगलवार यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि सफल बोली लगाने वाले के बारे में अंतिम फैसला वित्तीय बोलियां खुलने के बाद लिया जाएगा और यह बहुत जल्द होने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, दोनों बोली लगाने वालों को भारतीय बैंकिंग क्षेत्र का अनुभव है। दुबई स्थित एमिरेट्स एनबीडी ने इस साल की शुरुआत में आरबीएल बैंक का अधिग्रहण किया था। वहीं निवेशक प्रेम वत्स समर्थित फेयरफैक्स फाइनेंशियल के पास पहले से ही निजी क्षेत्र के सीएसबी बैंक में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

दोनों बोली लगाने वालों को पहले ही गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी और भारतीय रिजर्व बैंक से ‘पात्र और उपयुक्त’ होने से जुड़ा आकलन मिल चुका है।

सरकार और एलआईसी की आईडीबीआई बैंक में कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना है। उन्होंने अक्टूबर, 2022 में रुचि पत्र जारी किया था।

वित्तीय बोलियां छह फरवरी को आईं। हालांकि, फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स और एमिरेट्स एनबीडी की वित्तीय बोलियां, वित्त मंत्रालय के सचिवों की अध्यक्षता वाले विनिवेश पर अंतर-मंत्रालयी समूह द्वारा तय किए गए आरक्षित मूल्य से कम थीं।

उसके बाद सरकार ने रणनीतिक बिक्री प्रक्रिया को रोक दिया था।

इस वित्त वर्ष में रणनीतिक बिक्री प्रक्रिया फिर से शुरू हुई और सरकार ने इस महीने की शुरुआत में दोनों दावेदारों से संशोधित वित्तीय बोलियां मंगाईं।

सूत्रों ने बताया कि वित्तीय बोलियां सोमवार को जमा की गईं और बोलियां अभी खोली जानी बाकी हैं।

फिलहाल, सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पास आईडीबीआई बैंक में 94.71 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार के पास 45.48 प्रतिशत और एलआई के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसमें से सरकार और एलआईसी बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचना चाह रहे हैं।

सरकार और एलआईसी ने आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए रुचि पत्र आमंत्रित किया था। इसमें सरकार 30.48 और एलआईसी 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है।

भाषा रमण अजय

अजय


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