सरकार पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए निविदाएं जारी करने की योजना का कर रही पुनर्मूल्यांकन

सरकार पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए निविदाएं जारी करने की योजना का कर रही पुनर्मूल्यांकन

सरकार पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए निविदाएं जारी करने की योजना का कर रही पुनर्मूल्यांकन
Modified Date: March 12, 2026 / 10:18 pm IST
Published Date: March 12, 2026 10:18 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) सरकार एक गीगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए निविदाएं जारी करने की अपनी योजना का पुनर्मूल्यांकन कर रही है।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘एक गीगावाट पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए निविदाएं तैयार हैं, लेकिन हम इस पर पुनर्विचार कर रहे हैं कि इस पर आगे बढ़ना है या नहीं।’’

विभिन्न पक्षों के साथ हुई चर्चाओं से यह भी संकेत मिलता है कि इन परियोजनाओं की निविदाओं में पहले जैसी रुचि नहीं दिखाई दे रही है।

अधिकारी ने बताया कि हाल के वर्षों में इस्पात की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे बोलीदाताओं की रुचि प्रभावित हुई है।

इस्पात अपतटीय और तटवर्ती पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सामग्री है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से टावर में किया जाता है।

अधिकारी ने कहा कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने विश्व बैंक और विभिन्न शोध संस्थानों के साथ मिलकर ‘पवन ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कार्ययोजना’ पर विचार-विमर्श किया है।

अधिकारी ने यह भी बताया कि एमएनआरई देश में लघु जलविद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना पर काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि 25 मेगावाट की जलविद्युत परियोजनाओं के लिए नीति जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।

अधिकारी ने यह भी कहा कि सरकार सौर मॉड्यूल के महत्वपूर्ण उपकरण इनगॉट और वेफर्स के विनिर्माण के लिए वित्तीय सहायता पर विचार कर सकती है।

भाषा रमण अजय

अजय


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