सरकार ने अधिक वजन के तौल उपकरणों के सत्यापन मानकों में ढील दी

सरकार ने अधिक वजन के तौल उपकरणों के सत्यापन मानकों में ढील दी

सरकार ने अधिक वजन के तौल उपकरणों के सत्यापन मानकों में ढील दी
Modified Date: July 6, 2026 / 06:43 pm IST
Published Date: July 6, 2026 6:43 pm IST

नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) सरकार ने एक टन या उससे अधिक क्षमता वाले वजन तौल उपकरणों के सत्यापन के लिए अनुपालन मानकों में ढील दी है। इससे उद्योगों, गोदामों, ट्रक ऑपरेटर एवं धर्मकांटा संचालकों के लिए कारोबारी सुगमता बढ़ने की उम्मीद है।

उपभोक्ता मामलों के विभाग ने विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011 में संशोधनों को अधिसूचित किए हैं।

सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, नए प्रावधानों के तहत उच्च क्षमता वाले वजन उपकरणों के सत्यापन के लिए मानक वजन की आवश्यकता को वैज्ञानिक और ‘रिपीटेबलिटी टेस्ट’ (दोहराव आधारित परीक्षण) के आधार पर कम किया गया है।

पुराने नियमों के तहत एक टन या उससे अधिक क्षमता वाले उपकरणों के सत्यापन के दौरान अधिकतम क्षमता के कम-से-कम 50 प्रतिशत या एक टन (जो भी अधिक हो) के बराबर मानक वजन का उपयोग करना अनिवार्य था, जिसके बाद स्थिर भार का इस्तेमाल किया जाता था।

मंत्रालय ने कहा कि इन प्रावधानों के कारण उद्योगों और धर्मकांटा संचालकों को परिवहन, लागत और संचालन से जुड़ी कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

अब संशोधित नियमों के तहत इस आवश्यकता को कम करते हुए अधिकतम क्षमता के 50 प्रतिशत से घटाकर केवल 20 प्रतिशत कर दिया गया है, बशर्ते कि रिपीटेबलिटी टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा हो।

मंत्रालय ने कहा कि इससे सत्यापन की सटीकता और विश्वसनीयता के मानकों से कोई समझौता नहीं होगा।

मंत्रालय ने कहा कि ये संशोधन कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने और उपभोक्ता संरक्षण के बीच संतुलन बनाने के उद्देश्य से साक्ष्य-आधारित नियामकीय सुधारों का हिस्सा हैं।

इन बदलावों से बड़े पैमाने पर मानक वजन के परिवहन और प्रबंधन से जुड़ी लागत कम होगी, उच्च क्षमता वाले उपकरणों का सत्यापन तेजी से हो सकेगा और परिचालन में लगने वाला समय भी घटेगा।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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