सरकार ने नई सीपीआई श्रृंखला जारी की; जनवरी में खुदरा मुद्रास्फीति 2.75 प्रतिशत
सरकार ने नई सीपीआई श्रृंखला जारी की; जनवरी में खुदरा मुद्रास्फीति 2.75 प्रतिशत
नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) वर्ष 2024 को आधार वर्ष मानते हुए जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) की नई श्रृंखला के तहत जनवरी में खुदरा मुद्रास्फीति 2.75 प्रतिशत रही है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी की गई नई श्रृंखला में वस्तुओं की संख्या 259 से बढ़ाकर 308 और सेवाओं की संख्या 40 से बढ़ाकर 50 कर दी गई है, ताकि मूल्य स्थिति की बेहतर तस्वीर पेश की जा सके।
खाद्य मुद्रास्फीति जनवरी में 2.13 प्रतिशत और आवासीय मुद्रास्फीति 2.05 प्रतिशत रही।
वर्ष 2012 को आधार वर्ष मानने वाली पुरानी श्रृंखला के तहत जनवरी, 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति 4.26 प्रतिशत जबकि दिसंबर में 1.33 प्रतिशत रही थी।
एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में ग्रामीण क्षेत्रों में कुल मुद्रास्फीति दर 2.73 प्रतिशत और शहरी भारत में 2.77 प्रतिशत रही।
नई सीपीआई श्रृंखला के अनुसार, तेलंगाना में महंगाई दर सबसे अधिक 4.92 प्रतिशत रही। इसके बाद केरल और तमिलनाडु का स्थान रहा।
आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में सबसे कम महंगाई वाली शीर्ष पांच वस्तुएं लहसुन, प्याज, आलू, अरहर, तुअर दाल और मटर रहीं।
दूसरी ओर चांदी के आभूषण, टमाटर, नारियल खोपरा, सोना, हीरा, प्लैटिनम के आभूषण और नारियल तेल महंगे हुए।
आधार को 2012 से 2024 तक घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (एचसीईएस) 2023-24 का उपयोग करके संशोधित किया गया है।
एनएसओ ने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर, सीपीआई-2024 में भारित वस्तुओं की संख्या 299 से बढ़कर 358 हो गई है। वस्तुओं की संख्या 259 से बढ़कर 308 हो गई है और सेवाओं की संख्या 40 से बढ़कर 50 हो गई है।
नयी 2024 श्रृंखला में ग्रामीण आवास, ऑनलाइन मीडिया सेवा प्रदाता/स्ट्रीमिंग सेवाएं, मूल्यवर्धित दुग्ध उत्पाद, जौ व उससे बने उत्पाद, पेन-ड्राइव तथा एक्सटर्नल हार्ड डिस्क, अटेंडेंट, बेबीसिटर और व्यायाम उपकरणों को शामिल किया गया है।
वहीं, नई श्रृंखला से वीसीआर/वीसीडी/डीवीडी प्लेयर, लोगों का काम पर रखने की लागत, रेडियो, टेप रिकॉर्डर, सेकंड हैंड कपड़े, सीडी/डीवीडी ऑडियो-वीडियो कैसेट तथा कयर को हटा दिया गया है।
इसमें कहा गया कि विभिन्न वस्तु समूहों के भारांश को भी घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (एचसीईएस) 2023-24 में दर्ज घरेलू खर्च तरीके के अनुरूप समायोजित किया गया है।
नई श्रृंखला में खाद्य एवं पेय पदार्थों की हिस्सेदारी घटकर 36.75 प्रतिशत की गई है जो सीपीआई 2012 में 45.86 प्रतिशत थी। हालांकि, यह अब भी सीपीआई में इसका भारांश सबसे अधिक है।
भाषा निहारिका अजय
अजय

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