सरकार ने कृषि रसायन उद्योग से नये कीटनाशक रसायन प्रस्तुत करने को कहा

सरकार ने कृषि रसायन उद्योग से नये कीटनाशक रसायन प्रस्तुत करने को कहा

सरकार ने कृषि रसायन उद्योग से नये कीटनाशक रसायन प्रस्तुत करने को कहा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:46 pm IST
Published Date: October 13, 2020 1:25 pm IST

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) सरकार ने मंगलवार को कृषि रसायन उद्योग को किसानों के लाभ के लिए वैश्विक मानकों के अनुरूप औषधीय रसायन उतारने का आह्वान किया, जबकि उद्योग निकाय क्रॉपलाइफ इंडिया ने इस क्षेत्र की वृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए एक स्थिर नीति और नियामकीय व्यवस्था कायम करने पर जोर दिया।

कृषि राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने इस उद्योग पर एक वीडियो सम्मेलन में , ‘‘फसल संरक्षण उद्योग को किसानों के लाभ के लिए नए, सुरक्षित और अधिक प्रभावी उत्पाद लाने की जवाबदेही को साझा करने के लिए आगे आना चाहिये।’’

उद्योग निकाय द्वारा जारी एक बयान में मंत्री के हवाले से कहा गया है कि भारतीय कृषि रसायन उद्योग एक सफल क्षेत्र है और वह सर्वोत्तम अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं और नियामक सुधारों के साथ खुद को जोड़ने के लिए खुले विचार के साथ पूरी तरह से तैयार है।

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रूपाला ने कहा कि सरकार, किसानों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विस्तार सेवाएं प्रदान करने के लिए एक ‘संकुल’ वाला दृष्टिकोण रखती है। उन्होंने उद्योग जगत से इस पहल का समर्थन करने को कहा।

इस अवसर पर बोलते हुए, नेशनल रेनफेड एरिया अथॉरिटी के सीईओ अशोक दलवई ने कहा कि भारत को वैश्विक बाजार बनाने की जरूरत है क्योंकि इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए देश में एक ठोस बुनियादी ढांचा और नियामक प्रणाली मौजूद है।

उर्वरक और रसायन मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव समीर कुमार विश्वास ने कहा, ‘‘सरकार और उद्योग राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सिफारिशों और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं को लाने के लिए मिलकर काम करेंगे।’’

कृषि आयुक्त एस के मल्होत्रा ​​ने कहा कि भारत को नए कीटनाशक रसायनां की आवश्यकता है, जो सुरक्षित और प्रभावी हों। उद्योग जगत को आगे आकर ऐसे अवयवों की सूची प्रस्तुत करना चाहिये जिनमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ उच्च सक्रिय तत्व की उपलब्धता हो।

हालांकि, क्रॉपलाइफ इंडिया के अध्यक्ष के सी रवि ने कहा कि ‘‘फसल सुरक्षा क्षेत्र की समुचित विकास के लिए एक पूर्वानुमानयोग्य, स्थिर और विज्ञान आधारित नीति एवं नियामक व्यवस्था की आवश्यकता है।’’

उन्होंने एक प्रगतिशील कीटनाशक प्रबंधन विधेयक 2020 की हिमायत की, जो किसानों के सामने आने वाली मौजूदा और आगामी चुनौतियों का समाधान करने के लिए नवाचार पर जोर दे और नए उत्पादों को आगे लाये।

भाषा राजेश राजेश मनोहर

मनोहर


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