प्रदेश को देश की ‘दूध राजधानी’ बनाएगी सरकार: मोहन यादव
प्रदेश को देश की ‘दूध राजधानी’ बनाएगी सरकार: मोहन यादव
ग्वालियर, चार मई (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों को प्रोत्साहन देने और डेयरी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठा रही है, ताकि प्रदेश को देश की ‘दूध राजधानी’ बनाया जा सके।
ग्वालियर में दूध उत्पादकों एवं पशुपालकों के राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सरकार किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को दूध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य है और इस दिशा में ग्वालियर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री ने ग्वालियर में ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “आज का दिन विशेष है। विश्वविद्यालय का शिलान्यास और गौ माता का आशीर्वाद दोनों का महत्व है। सीमा पर तैनात सैनिक और खेत में काम करने वाला किसान समान हैं।”
यादव ने कहा कि राज्य सरकार ‘किसान कल्याण वर्ष’ मना रही है और किसान, महिला, युवा तथा गरीब वर्ग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ‘लाड़ली बहना योजना’ के तहत अब तक 55,000 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं और किसानों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं की खरीद 2,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी तथा नदी जोड़ो परियोजनाओं से खेतों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि गेहूं उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है और किसान दुध उत्पादन से भी आय अर्जित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि डेयरी इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए सरकार 10 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान करेगी और दूध उत्पादकों को उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाएगा।
यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश वर्तमान में दूध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है और इसे प्रथम स्थान पर लाने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं को गौशालाओं में रखा जाएगा और राज्य में बड़े गौशालाएं विकसित किए जा रहे हैं। ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला में लगभग 10 हजार गौवंश हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्वालियर क्षेत्र में 68,737 पशुपालक चार लाख से अधिक पशुधन का प्रबंधन कर रहे हैं और 605 टन दूध का उत्पादन हो रहा है। गौशालाओं में जैविक खाद, दूध और घी का उत्पादन भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने ‘काउ एम्बुलेंस’ सेवा शुरू की है।
उन्होंने ग्वालियर में पशु आहार संयंत्र और वेलनेस सेंटर तथा डबरा में नए पशु चिकित्सालय की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण पर चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा।
भाषा सं दिमो रवि कांत रमण
रमण

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