भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की मुख्य बातें
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की मुख्य बातें
नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के लिए रूपरेखा पर सहमति बन गयी है। दोनों देशों ने इस संबंध में एक संयुक्त बयान जारी किया है। इसकी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं…
-अमेरिका, भारतीय सामान पर जवाबी शुल्क को पहले के 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। -इससे भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए 30,0000 अरब अमेरिकी डॉलर का बड़ा बाजार खुलेगा। -निर्यात में वृद्धि से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। -यह रूपरेखा वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबड़ उत्पाद, जैविक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प उत्पाद और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में वृहद रूप से बाजार अवसर प्रदान करेगा। -जेनेरिक दवाइयों, रत्नों और हीरों तथा विमान के कल-पुर्जों सहित कई प्रकार की वस्तुओं पर शुल्क शून्य हो जाएगा। -भारत को विमान के कल-पुर्जों पर धारा 232 के तहत छूट, वाहन कल-पुर्जों पर शुल्क दर कोटा और जेनेरिक दवाइयों पर बातचीत के माध्यम से तय किए गए लाभ मिलेंगे। -भारत मक्का, गेहूं, चावल, सोया, मुर्गी पालन, दूध, पनीर, एथनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस सहित संवेदनशील कृषि और दुग्ध उत्पादों को पूर्ण रूप से संरक्षित करेगा। -भारत, अमेरिका की सभी औद्योगिक वस्तुओं और सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट तथा अन्य उत्पादों सहित कई प्रकार के अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों पर शुल्क समाप्त करेगा या कम करेगा। -दोनों देश अपने-अपने हित वाले क्षेत्रों में एक-दूसरे को तरजीही बाजार पहुंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। -दोनों देश वस्तुओं की उत्पत्ति के ऐसे नियम स्थापित करेंगे जिनसे यह सुनिश्चित हो सके कि समझौते का लाभ मुख्य रूप से अमेरिका और भारत को मिले। -अमेरिका और भारत द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-शुल्क बाधाओं का समाधान करेंगे। -भारत और अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करने और उन प्रतिबंधित आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को समाप्त करने पर सहमत हैं जो अमेरिकी सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच में देरी करती हैं या उन पर मात्रात्मक प्रतिबंध लगाती हैं। -अमेरिका और भारत का पारस्परिक रूप से सहमत क्षेत्रों के लिए अपने-अपने मानकों और अनुरूपता मूल्यांकन प्रक्रियाओं पर चर्चा करने का इरादा है। -दोनों देश के सहमति वाले शुल्क में किसी भी बदलाव की स्थिति में, दूसरा देश अपनी प्रतिबद्धताओं में संशोधन कर सकता है। -दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत बातचीत के माध्यम से बाजार पहुंच के अवसरों को और बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे। -अमेरिका और भारत तीसरे पक्ष की गैर-बाजार नीतियों से निपटने के लिए पूरक कार्यों के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और नवोन्मेष को बढ़ाने के लिए आर्थिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं। -भारत का अगले पांच साल में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के कल-पुर्जे, बहुमूल्य धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा है। -भारत और अमेरिका ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट और डेटा केंद्रों में उपयोग होने वाली अन्य वस्तुओं सहित प्रौद्योगिकी से जुड़े उत्पादों में व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगे और संयुक्त प्रौद्योगिकी सहयोग का विस्तार करेंगे। -अमेरिका और भारत डिजिटल व्यापार में भेदभावपूर्ण या बोझिल चीजों और अन्य बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। -अमेरिका और भारत इस रूपरेखा को शीघ्रता से लागू करेंगे और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। भाषा सुरभिसुरभि

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