हिमाचल सरकार बकाया कृषि ऋण पर 50 प्रतिशत ब्याज का बोझ उठाएगी

हिमाचल सरकार बकाया कृषि ऋण पर 50 प्रतिशत ब्याज का बोझ उठाएगी

हिमाचल सरकार बकाया कृषि ऋण पर 50 प्रतिशत ब्याज का बोझ उठाएगी
Modified Date: June 27, 2026 / 09:26 pm IST
Published Date: June 27, 2026 9:26 pm IST

शिमला, 27 जून (भाषा) आर्थिक तंगी का सामना कर रहे किसानों को बड़ी राहत देते हुए, हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य बजट की एक अहम घोषणा को पूरा करते हुए एकमुश्त निपटान नीति के तहत ‘कृषि ऋण ब्याज सहायता योजना’ शुरू करने का फैसला किया है।

यह योजना उन किसानों को मदद देगी जिनकी कृषि भूमि ऋण न चुका पाने के कारण नीलाम होने के खतरे में है। शनिवार को जारी एक बयान के अनुसार, किसानों के लिए शुरू की गई इस पहल के तहत, सरकार प्रति किसान 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर बकाया ब्याज का 50 प्रतिशत हिस्सा खुद वहन करेगी।

इस योजना से राज्य भर में लगभग 6,356 किसानों को फायदा होने की उम्मीद है और इसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

यह योजना ‘हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक’ और ‘कांगड़ा सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक’ के माध्यम से लागू की जाएगी। संबंधित शाखाएं ब्याज सहायता का लाभ उठाने के लिए पात्र कर्जदारों की पहचान करेंगी और उनकी सूची तैयार करेंगी।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनका कल्याण सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कई किसान मुश्किल हालात के कारण आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और इसलिए सरकार ने पात्र लाभार्थियों को एकमुश्त मदद देने का फैसला किया है।

इस योजना में वे किसान शामिल होंगे जिनके कृषि ऋण की समय-सीमा खत्म हो चुकी है और जिनकी जमीन वित्तीय संस्थानों द्वारा नीलाम किए जाने के खतरे में है। बकाया ब्याज का आधा बोझ उठाकर, सरकार का मकसद ऋण को विनियमित करने में मदद करना, आर्थिक तनाव कम करना और किसानों को अपनी जमीन खोने के डर के बिना खेती जारी रखने में सक्षम बनाना है।

उन्होंने संबंधित विभागों और वित्तीय संस्थानों को योजना को तेजी से लागू करने का निर्देश दिया ताकि जरूरतमंद किसानों को समय पर मदद मिल सके।

भाषा राजेश राजेश अविनाश

अविनाश


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