भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार, कोटा लागू करने की कोई योजना नहीं: अधिकारी
भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार, कोटा लागू करने की कोई योजना नहीं: अधिकारी
नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) वैश्विक ऊर्जा बाजारों में जारी व्यवधान के बावजूद भारत की ईंधन आपूर्ति में राशनिंग करने यानी कोटा लागू करने की कोई योजना नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि देश ने कच्चे तेल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार बनाए रखा है और आपूर्ति जोखिमों के प्रबंधन के लिए आयात के स्रोतों में विविधता आई है।
पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन में कहा, ‘‘घबराने की जरूरत नहीं है। पर्याप्त आपूर्ति है। राशनिंग जैसा कुछ नहीं हो रहा है और न ही ऐसा होगा।’’
उन्होंने बताया कि बाजार में पिछले 67 दिन से जारी व्यवधान के दौरान भारत ने लगभग 60 दिन का ईंधन भंडार और लगभग 45 दिन का एलपीजी भंडार बनाए रखा है।
ये टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन संरक्षण और आयात कम करने के आह्वान के एक दिन बाद आई है। प्रधानमंत्री ने बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों के कारण विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए नागरिकों से ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग और सोने की खरीद में संयम बरतने का आग्रह किया था। प्रधानमंत्री के इस बयान को कुछ लोग ईंधन की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी की भूमिका के रूप में देख रहे थे।
पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल दो साल पुरानी दरों पर ही बिक रहा है। लागत में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के बावजूद कीमतों को स्थिर रखने से पेट्रोलियम कंपनियों को रोजाना 1,000 करोड़ से 1,200 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
हालांकि, सरकार के एक शीर्ष सूत्र ने कहा, ‘‘सरकार का प्राथमिक लक्ष्य कीमतों और आपूर्ति को स्थिर रखना है।’’
मित्तल ने कहा कि सरकार ने अतिरिक्त ऊर्जा कार्गो हासिल किए हैं और मौजूदा आपूर्तिकर्ताओं से खरीद बढ़ाई गई है। साथ ही पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती जैसे राजकोषीय उपायों के जरिये कीमतों के झटके को खुद सहा है।
भाषा पाण्डेय अजय
अजय

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