भारत को उच्च आर्थिक वृद्धि हासिल करने के लिये वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े रहना होगा: कांत | India must stay connected to global economy to achieve higher economic growth: Kant

भारत को उच्च आर्थिक वृद्धि हासिल करने के लिये वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े रहना होगा: कांत

भारत को उच्च आर्थिक वृद्धि हासिल करने के लिये वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े रहना होगा: कांत

: , March 11, 2021 / 10:49 PM IST

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) भारत को यदि अगले तीन दशक के दौरान 9 से 10 प्रतिशत की उच्च आर्थिक वृद्धि के साथ आगे बढ़ना है तो उसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ मजबूती से जुड़े रहना होगा। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने मंगलवार को यह कहा।

कांत ने यहां 15वें इंडिया डिजिटल शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुये कहा कि भारत को एक प्रमुख वैश्विक निर्यातक देश बनने की आवश्यकता है। इसके बिना भारत के लिये अगले तीन दशकों में एक संपन्न राष्ट्र बनना और अपने लोगों के लिये संपत्ति सृजन करना संभव नहीं होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत को यदि अगले तीन दशक की अवधि में 9 से 10 प्रतिशत की दर से वृद्धि हासिल करनी है तो उसे अपने दरवाजे खुले रखने होंगे और वैश्विक अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बने रहना होगा।’’

कांत ने कहा कि सरकार का आत्मनिर्भर भारत अभियान देश को संरक्षणवादी बनाने के लिये नहीं है बल्कि यह भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का मजबूत हिस्सा बनाने के लिये है।

नीति आयोग के सीईओ ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद के समय में वहीं देश आगे बढ़ सकेंगे जो डिजिटल परिवेश में काम करेंगे, उसे अपनायेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था के जरिये मौजूदा 200 अरब डालर से बढ़कर 1,000 अरब डालर का कारोबार सृजित करने की व्यापक संभावनायें हैं।

कांत ने इस बात पर भी गौर किया कि देश में डिजिटल प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इसका अंतर अब कम हो रहा है। उन्होंने कहा यदि आप यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को देखेंगे तो इसके इस्तेमाल में कई गुणा वृद्धि हुई है। उनहोंने कहा कि ‘डिजिटल ही भविष्य है। यदि भारत को सामाजिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार लाना है तो इसके लिेय डिजिटल प्रणाली को अपनाना महत्वपूर्ण है।

उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के बारे में उन्होंने कहा कि इस योजना को इलेक्ट्रानिक्स और मोबाइल विनिर्माण के क्षेत्र में अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमोडीवाई) ने वित्तीय सेवाओं तक पहुंच का प्रजातंत्रीकरण किया है। उनहोंने कहा, ‘‘देश में वित्तीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांति शुरू होने से गरीब लोगों की वित्तीय उत्पादों तक पहुंच बढ़ रही है। ’’

कांत ने भारत को दुनिया के लिए आषधियों की राजधानी बताया। उनहोंने कहा कि दुनिया का 70 प्रतिशत टीका भारत में ही बनता है।

फेसबुक इंउिया के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अजित मोहन ने इस अवसर पर कहा कि इंटरनेट के क्षेत्र में जो तेजी आई है यह पिछले कुछ माह में ही हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘व्यावसाय जगत ने कारोबार बढ़ाने के लिये फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हट्सऐप का जिस तरह इस्तेमाल किया है वह 12 महीने पहले नहीं देखा गया था। ’’ महाबीर मनोहर

मनोहर

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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