भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से किसानों, युवाओं और एमएसएमई को होगा बड़ा लाभ: मोदी

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से किसानों, युवाओं और एमएसएमई को होगा बड़ा लाभ: मोदी

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से किसानों, युवाओं और एमएसएमई को होगा बड़ा लाभ: मोदी
Modified Date: April 27, 2026 / 05:32 pm IST
Published Date: April 27, 2026 5:32 pm IST

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को दोनों देशों की साझेदारी में एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसानों, युवाओं, महिलाओं, एमएसएमई, स्टार्टअप और छात्रों सहित अन्य वर्गों को काफी फायदा पहुंचाएगा।

मोदी ने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड की 20 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता कृषि, विनिर्माण, नवाचार और प्रौद्योगिकी में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करेगी। इससे दोनों देशों के लिए अधिक समृद्ध और गतिशील भविष्य का रास्ता खुलेगा।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ”आज भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी में एक ऐतिहासिक क्षण है! मुझे खुशी है कि आज हस्ताक्षर किये गये भारत-न्यूजीलैंड एफटीए हमारी विकासात्मक साझेदारी को अभूतपूर्व गति देगा। यह उस मजबूत भरोसे, साझा मूल्यों और महत्वाकांक्षा को दर्शाता है, जो हमारे दोनों देशों को जोड़ते हैं।”

उन्होंने कहा, ”यह समझौता हमारे किसानों, युवाओं, महिलाओं, एमएसएमई, कारीगरों, स्टार्टअप, छात्रों और नवाचार करने वालों को बहुत फायदा पहुंचाएगा। यह विकास के नए रास्ते खोलेगा, अवसर पैदा करेगा और विभिन्न क्षेत्रों में हमारे तालमेल को मजबूत करेगा।”

इससे पहले, मोदी ने कहा कि एफटीए छात्रों और कुशल पेशेवरों के लिए अवसरों का विस्तार करने के साथ ही कृषि उत्पादकता और निवेश प्रतिबद्धताओं को भी बढ़ावा देगा।

उन्होंने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के हवाले से कहा कि भारत-न्यूजीलैंड एफटीए के तहत भारतीय निर्यात पर शुल्क हट जाएगा, जिससे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा और एमएसएमई मजबूत होंगे, जबकि यह भी सुनिश्चित किया गया है कि कृषि और डेयरी जैसे क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षित रहें।

भारत और न्यूजीलैंड ने सोमवार को द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने हस्ताक्षर किए।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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