साणंद-धोलेरा में बनेगा भारत-ताइवान औद्योगिक पार्क, गुजरात सरकार ने किया समझौता

साणंद-धोलेरा में बनेगा भारत-ताइवान औद्योगिक पार्क, गुजरात सरकार ने किया समझौता

साणंद-धोलेरा में बनेगा भारत-ताइवान औद्योगिक पार्क, गुजरात सरकार ने किया समझौता
Modified Date: April 10, 2026 / 08:38 pm IST
Published Date: April 10, 2026 8:38 pm IST

अहमदाबाद, 10 अप्रैल (भाषा) गुजरात सरकार ने शुक्रवार को ताइवान स्थित एलीजेंस इंटरनेशनल कंपनी लिमिटेड के साथ साणंद-धोलेरा क्षेत्र में एक भारत-ताइवान औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर और संबंधित क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना है।

राज्य सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, इस प्रस्तावित औद्योगिक पार्क से ताइवान के उद्योगों, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्रों से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित होने की उम्मीद है। साथ ही, इससे अगले पांच वर्षों में लगभग 12,000 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है।

गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में राज्य के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा एलीजेंस इंटरनेशनल के बीच इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता भारत और ताइवान के उन उद्यमों के बीच व्यावसायिक सहयोग को सुविधाजनक बनाने का प्रयास करता है जो देश में, विशेषकर गुजरात में अपना परिचालन स्थापित करना चाहते हैं।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि गुजरात सेमीकंडक्टर विनिर्माण के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है और वर्तमान में राज्य में 1.24 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं विकास के चरण में हैं। यह पहल ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के अनुरूप है और इसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), रोबोटिक्स और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में राज्य के उत्पादन तंत्र को मजबूत करना है।

इस समझौता ज्ञापन पर एलीजेंस ग्रुप के चेयरमैन और ‘ताइवान चैंबर ऑफ कॉमर्स इन इंडिया’ के उपाध्यक्ष साइमन ली तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पी भारती ने गुजरात के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस सहयोग से गुजरात और ताइवान के बीच संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है, जिससे उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों और संबंधित आपूर्ति श्रृंखला वाली कंपनियों को सहायता मिलेगी।

भाषा सुमित रमण

रमण


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