अमेरिकी प्रतिबंध छूट से इतर रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखेगा भारत: अधिकारी
अमेरिकी प्रतिबंध छूट से इतर रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखेगा भारत: अधिकारी
नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) भारत ने सोमवार को कहा कि वह अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट से इतर भी रूस से तेल खरीदता रहा है और आगे भी व्यावसायिक व्यवहार्यता तथा ऊर्जा सुरक्षा जरूरतों के आधार पर खरीद जारी रखेगा।
पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “रूस पर अमेरिकी छूट के संबंध में मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि हम पहले भी रूस से तेल खरीदते रहे हैं… छूट से पहले भी, छूट के दौरान भी और अब भी खरीदते रहेंगे।”
उन्होंने कहा कि भारत के कच्चे तेल खरीदने के फैसले मुख्य रूप से व्यावसायिक दृष्टिकोण और पर्याप्त आपूर्ति उपलब्धता पर आधारित होते हैं।
शर्मा ने कहा, “हमारे लिए खरीदारी का आधार मूल रूप से व्यावसायिक समझ है।”
उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है और दीर्घकालिक समझौतों के तहत पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
रूसी समुद्री मार्ग से कच्चे तेल की बिक्री और वितरण की अनुमति देने वाली अमेरिकी प्रतिबंधों में अस्थायी छूट 16 मई को समाप्त हो गई। यह दूसरी बार है जब अमेरिका ने राहत उपाय की अवधि बढ़ाने पर स्पष्टता दिए बिना उसे समाप्त होने दिया।
अमेरिकी वित्त विभाग ने यह सामान्य लाइसेंस पहली बार मार्च के मध्य में जारी किया था और अप्रैल में इसका विस्तार किया गया था। इसका उद्देश्य ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल युद्ध के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़े दबाव को कम करना था।
शर्मा ने कहा, “छूट हो या नहीं, इससे उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”
वर्ष 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिमी देशों के व्यापक प्रतिबंधों और पारंपरिक निर्यात बाजारों में व्यवधान के कारण रियायती रूसी कच्चा तेल भारत के आयात का प्रमुख हिस्सा बन गया था।
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक और उपभोक्ता भारत, कम कीमतों का लाभ उठाने के लिए रूस से तेल खरीद में तेजी से वृद्धि कर चुका है। इससे घरेलू रिफाइनरियों को वैश्विक ऊर्जा लागत में बढ़ोतरी से निपटने में मदद मिली।
अमेरिका और यूरोपीय देशों ने फरवरी, 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पर व्यापक प्रतिबंध लगाए थे। हालांकि, रूसी तेल पर प्रत्यक्ष प्रतिबंध नहीं लगाया गया।
भाषा योगेश अजय
अजय

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