भारत ओएएलपी-11वें दौर में 21 तेल और गैस ब्लॉक की पेशकश करेगा
भारत ओएएलपी-11वें दौर में 21 तेल और गैस ब्लॉक की पेशकश करेगा
नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) भारत कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की खोज के लिए जल्द ही 21 नए क्षेत्रों (ब्लॉक) की नीलामी शुरू करेगा। हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) ने यह जानकारी दी।
महानिदेशालय ने अपनी वेबसाइट पर इन 21 क्षेत्रों की सूची जारी कर दी है, जिनमें 12 जमीन पर स्थित क्षेत्र, चार कम गहरे पानी के ब्लॉक, एक गहरा समुद्री क्षेत्र और चार अत्यंत गहरे समुद्री क्षेत्र शामिल हैं।
‘मुक्त क्षेत्र लाइसेंसिंग नीति’ (ओएएलपी) के 11वें दौर के तहत करीब 80,235 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को तेल-गैस के अन्वेषण के लिए पेश किया जाएगा।
डीजीएच ने कहा कि बोली लगाने की अंतिम तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी।
विशेष बात यह है कि 11वें दौर की घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब पिछले 10वें दौर के लिए बोलियां आनी अभी बाकी हैं। 10वें दौर की समयसीमा कई बार बढ़ाने के बाद अब 29 मई, 2026 तय की गई है।
नियमों के तहत, ‘श्रेणी-1’ के तलछटी बेसिन मतलब ऐसे क्षेत्र जहां व्यावसायिक तौर पर तेल-गैस का उत्पादन पहले से प्रमाणित है, में 14 ब्लॉक उन कंपनियों को दिए जाएंगे, जो सरकार के साथ कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा साझा करने का वादा करेंगी। वहीं, ‘श्रेणी-2’ – जहां तेल-गैस होने की पुष्टि तो है लेकिन अभी उत्पादन शुरू नहीं हुआ और ‘श्रेणी-3’ – जहां भूगर्भीय रूप से संभावना है पर अब तक कोई व्यावसायिक खोज नहीं हुई, के क्षेत्रों का आवंटन कंपनियों की कार्ययोजना के आधार पर किया जाएगा।
ओएएलपी नीलामी प्रक्रिया 2016 में लागू की गई ‘हाइड्रोकार्बन अन्वेषण और लाइसेंसिंग नीति’ (हेल्प) का हिस्सा है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य कंपनियों को अपनी पसंद के क्षेत्र चुनने की आजादी देना और कच्चे तेल व प्राकृतिक गैस के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है।
भाषा सुमित अजय
अजय

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