Jyotsna Mahant Parliament Debates on Naxalism : ‘नक्सल विरोधी लड़ाई में हम कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं’.. लोकसभा में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत का बड़ा बयान, झीरम हमले को लेकर भी कही ये बड़ी बात

Jyotsna Mahant Parliament Debates on Naxalism : ‘नक्सल विरोधी लड़ाई में हम कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं’.. लोकसभा में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत का बड़ा बयान, झीरम हमले को लेकर भी कही ये बड़ी बात

Jyotsna Mahant Parliament Debates on Naxalism / Image Source : Screengrab

Modified Date: March 30, 2026 / 05:05 pm IST
Published Date: March 30, 2026 5:03 pm IST
HIGHLIGHTS
  • Jyotsna Mahant ने लोकसभा में बस्तर का मुद्दा उठाया
  • नक्सलवाद को विकास से खत्म करने पर जोर
  • Bastar की खनिज संपदा और स्थानीय हितों का मुद्दा

दिल्ली : Jyotsna Mahant Parliament Debates on Naxalism देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की निर्धारित समय सीमा 31 मार्च से ठीक एक दिन पहले लोकसभा में इस गंभीर मुद्दे पर ऐतिहासिक चर्चा हुई। चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ की कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की जमीनी हकीकत को सदन के सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद एक ऐसी चुनौती है जो दशकों से हर सरकार के सामने रही है, और इसे केवल हथियारों से नहीं बल्कि विकास से जीता जा सकता है।

बस्तर की पहचान सिर्फ संघर्ष नहीं, खनिज संपदा से है

उन्होंने कहा की दुनिया बस्तर को सिर्फ संघर्ष और हिंसा के नजरिए से देखती है, जबकि बस्तर की असली पहचान वहां की समृद्ध खनिज संपदा और सांस्कृतिक विरासत है। Lok Sabha Naxal Debate उन्होंने जोर दिया कि बस्तर के संसाधनों का लाभ वहां के स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए।नक्सल विरोधी अभियान पर एकजुटता दिखाते हुए उन्होंने कहा, “नक्सलवाद हर सरकार के कार्यकाल में एक बड़ी चुनौती बनी रही है। इस लड़ाई में हम सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।” उन्होंने इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

 झीरम घाटी हमला सिर्फ एक राजनीतिक हत्या नहीं, बल्कि लोकतंत्र की हत्या थी

उन्होंने  चर्चा के दौरान बस्तर की शांति के लिए बलिदान देने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि झीरम घाटी हमला सिर्फ एक राजनीतिक हत्या नहीं, बल्कि लोकतंत्र की हत्या थी। पिछले दो दशकों में सुरक्षाबलों ने बस्तर के लिए अपनी आहुति दी है, जिसमें पिछले एक दशक में ही 500 से अधिक जवानों ने अपनी जान गंवाई है। सांसद ने स्पष्ट किया कि नक्सल विरोधी इस लड़ाई में वे सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। महंत ने नारायणपुर और ओरछा जैसे उन कोर एरिया का जिक्र किया जहाँ पहुंचना कभी नामुमकिन था। उन्होंने खुशी जताई कि अब इन इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं, जो सकारात्मक बदलाव का संकेत है। उन्होंने आगे कहा की बस्तर के लोगों के लिए सिर्फ सुरक्षा काफी नहीं है। उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर काम करना जरूरी है।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..