भारत-ब्रिटेन सीईटीए से हरियाणा के लिए वैश्विक व्यापार के अवसर खुलेंगेः सैनी

भारत-ब्रिटेन सीईटीए से हरियाणा के लिए वैश्विक व्यापार के अवसर खुलेंगेः सैनी

भारत-ब्रिटेन सीईटीए से हरियाणा के लिए वैश्विक व्यापार के अवसर खुलेंगेः सैनी
Modified Date: September 14, 2026 / 07:43 pm IST
Published Date: September 14, 2026 7:43 pm IST

गुरुग्राम, 14 सितंबर (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) राज्य के लिए वैश्विक व्यापार के नए अवसर खोलेगा और इससे कपड़ा, जूते, रत्न एवं आभूषण तथा इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों को ब्रिटेन के बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी।

सैनी ने गुरुग्राम के एक विश्वविद्यालय में ब्रिटिश उच्चायोग के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में कहा कि यह समझौता राज्य के युवाओं, किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) और स्टार्टअप को वैश्विक निवेशकों तथा नई प्रौद्योगिकियों से जोड़कर वृद्धि के नए अवसर पैदा करने में भी मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम मेधा (एआई), डेटा सेंटर, चिकित्सा उपकरण, वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन, कृषि-व्यवसाय और वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए हाल में 10 क्षेत्र-विशिष्ट नीतियां पेश की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नीतियों की शुरुआत के पहले दिन 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाले 110 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें 24,350 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश शामिल है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030-31 तक पांच लाख करोड़ रुपये का नया निवेश आकर्षित करना और 10 लाख से अधिक रोजगार पैदा करना है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले साल पांच-सात अप्रैल के बीच ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027’ का आयोजन किया जाएगा। इसके प्रचार के लिए देश के सात प्रमुख शहरों और जापान, दक्षिण कोरिया, दावोस, जर्मनी, ब्रिटेन, ब्राजील, चिली और दुबई जैसे वैश्विक आर्थिक केंद्रों में कार्यक्रम किए जाएंगे।

इसके पहले 2016 में आयोजित पहले निवेशक सम्मेलन में 6.41 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे।

इस कार्यक्रम में ब्रिटेन की उप उच्चायुक्त (चंडीगढ़) अल्बा स्मेरिग्लियो ने कहा कि सीईटीए भारत-ब्रिटेन संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि विनिर्माण, कृषि, प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्रों में हरियाणा की ताकत ब्रिटेन की नवाचार, उन्नत विनिर्माण, वित्तीय सेवाओं, शिक्षा और शोध संबंधी विशेषज्ञता की पूरक है।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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