खरीफ सत्र में धान की बुवाई 11 सितंबर तक चार प्रतिशत घटी, दलहन का रकबा बढ़ा : सरकारी आंकड़े
खरीफ सत्र में धान की बुवाई 11 सितंबर तक चार प्रतिशत घटी, दलहन का रकबा बढ़ा : सरकारी आंकड़े
नयी दिल्ली, 14 सितंबर (भाषा) कर्नाटक और तेलंगाना समेत कई राज्यों में खेती का रकबा कम होने की वजह से चालू 2026 के खरीफ सत्र में 11 सितंबर तक धान की बुवाई का चार प्रतिशत घटकर 426.81 लाख हेक्टेयर रह गई है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।
पिछले साल इसी अवधि में धान खेती का रकबा 443.78 लाख हेक्टेयर था।
धान की खेती के रकबे में कर्नाटक में 4.54 लाख हेक्टेयर, तेलंगाना में 4.46 लाख हेक्टेयर, आंध्र प्रदेश में 1.90 लाख हेक्टेयर, उत्तर प्रदेश में 1.84 लाख हेक्टेयर, मध्य प्रदेश में 1.75 लाख हेक्टेयर, तमिलनाडु में 1.40 लाख हेक्टेयर, महाराष्ट्र में 1.15 लाख हेक्टेयर और झारखंड में 97 हजार हेक्टेयर की कमी आई है।
धान, जो खरीफ (गर्मी में बोई जाने वाली फसल) सत्र की एक प्रमुख फसल है, की कटाई अक्टूबर से शुरू होगी।
आंकड़ों के अनुसार, दलहनों के तहत खेती का रकबा 116.79 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 118.46 लाख हेक्टेयर हो गया है।
श्री अन्न और मोटे अनाजों का रकबा 182.48 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 183.17 लाख हेक्टेयर हो गया है।
हालांकि, तिलहन का रकबा 194.07 लाख हेक्टेयर से घटकर 193.90 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि कपास के तहत आने वाला रकबा 110.31 लाख हेक्टेयर से घटकर 109.34 लाख हेक्टेयर रह गया।
गन्ने की बुवाई का रकबा भी मामूली रूप से 58.87 लाख हेक्टेयर से घटकर 58.47 लाख हेक्टेयर रह गया है।
कुल मिलाकर, देश के कुछ हिस्सों में कम बारिश के कारण, 11 सितंबर 2026 तक सभी खरीफ फसलों की बुवाई का रकबा पिछले साल की इसी अवधि के 1,112.54 लाख हेक्टेयर से घटकर 1,096.49 लाख हेक्टेयर रह गया है।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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