भारत, अमेरिका व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने के लिए वार्ता जारी रखेंगेः वाणिज्य मंत्रालय
भारत, अमेरिका व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने के लिए वार्ता जारी रखेंगेः वाणिज्य मंत्रालय
नयी दिल्ली, 26 सितंबर (भाषा) भारत और अमेरिका ने पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को जल्द पूरा करने के लिए वार्ता जारी रखने पर सहमति जताई है। वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में अमेरिका गया भारतीय प्रतिनिधिमंडल तीन-दिवसीय बातचीत के बाद 24 सितंबर को स्वदेश लौट आया।
इस यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं पर रचनात्मक बैठकें कीं।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने समझौते की रूपरेखा पर विचार साझा किए। इस दौरान पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को जल्द अंजाम तक पहुंचाने के लिए वार्ता जारी रखने का फैसला किया गया।’’
यात्रा के दौरान गोयल ने अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमीसन ग्रीर और भारत के लिए नामित अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की।
ये वार्ताएं अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारत पर कुल 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने की पृष्ठभूमि में हुई हैं। अमेरिका ने भारतीय उत्पादों के आयात पर 25 प्रतिशत का जवाबी शुल्क लगाने के बाद रूसी कच्चे तेल की खरीद करने के लिए 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क भी लगा दिया है।
एक अधिकारी ने बताया कि भारत ने अमेरिका से इस दंडात्मक शुल्क को हटाने की मांग की है, क्योंकि यह व्यापार समझौते की राह में महत्वपूर्ण होगा।
अधिकारी ने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ब्रांडेड दवाओं पर एक अक्टूबर से 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा भारतीय निर्यात को प्रभावित कर सकती है।
इसकी वजह यह है कि अमेरिका को दवाओं की आपूर्ति में भारतीय कंपनियों की बहुत बड़ी हिस्सेदारी है। वर्ष 2022 में अमेरिका में लिखी गई हर 10 में से चार दवा पर्चियां भारत से आपूर्ति की गई दवाओं से पूरी हुई थीं।
इन गतिरोधों के बावजूद व्यापार वार्ता पटरी पर है। अधिकारी ने कहा कि समझौते को चरणबद्ध ढंग से पूरा किया जाएगा।
समझौते का पहला चरण इस साल अक्तूबर-नवंबर तक पूरा करने की योजना है। अब तक पांच दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं। लक्ष्य वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
गोयल की अगुवाई वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका के प्रमुख उद्योगपतियों एवं निवेशकों से भी दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने के मुद्दे पर चर्चा की।
मंत्रालय ने बताया कि इन बैठकों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली और कारोबारी दिग्गजों ने भारत की वृद्धि गाथा पर भरोसा जताते हुए भारत में अपनी कारोबारी गतिविधियों को बढ़ाने की इच्छा प्रकट की।
दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने फरवरी, 2025 में व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने का फैसला किया था।
भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बाद व्यापार वार्ता अगस्त के अंत में स्थगित हो गई थी। लेकिन सितंबर के मध्य में अमेरिकी दल के भारत आने के बाद यह सिलसिला फिर से शुरू हुआ।
मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी कारोबारियों और निवेशकों के साथ हुई बैठकों में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और उन्होंने भारत की वृद्धि कहानी पर भरोसा जताते हुए कारोबार बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
रमण

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