Jharkhand Pregnant Teacher Death: 50,000 रिश्वत नहीं दी तो शिक्षिका को नहीं मिली छुट्टी, गर्भ में ही हो गई बच्चे की मौत

Jharkhand Pregnant Teacher Death: 50,000 रिश्वत नहीं दी तो शिक्षिका को नहीं मिली छुट्टी, गर्भ में ही हो गई बच्चे की मौत

Jharkhand Pregnant Teacher Death: 50,000 रिश्वत नहीं दी तो शिक्षिका को नहीं मिली छुट्टी, गर्भ में ही हो गई बच्चे की मौत

Jharkhand Pregnant Teacher Death: 50,000 रिश्वत नहीं दी तो शिक्षिका को नहीं मिली छुट्टी, गर्भ में ही हो गई बच्चे की मौत /image: Social Media

Modified Date: July 28, 2026 / 01:31 pm IST
Published Date: July 28, 2026 1:25 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पलामू में गर्भवती सरकारी शिक्षिका को मैटरनिटी लीव नहीं मिलने का आरोप
  • परिजनों का दावा—छुट्टी के लिए ₹50,000 रिश्वत मांगी गई, गर्भ में बच्चे की मौत हुई
  • शिक्षा विभाग ने आरोपों को खारिज किया, मामले की जांच की मांग तेज

पलामू। Jharkhand Pregnant Teacher Death: आजकल सरकारी अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगने के कई मामले सामने आते रहते हैं। कई मामलों में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार भी किया है। वहीं एक ऐसा ही मामला झारखंड से सामने आया है, जहां रिश्वत नहीं देने की वजह से छुट्टी नहीं मिलने पर गर्भ में पल रहे मासूम की जान चली गई। बताया जा रहा है कि गर्भवती शिक्षिका को मैटरनिटी लीव नहीं मिली जिसके बाद स्कूल में उसे लेबर पेन उठा और वहीं बच्चे की गर्भ में मौत हो गई। ये पूरा मामला झारखंड के पलामू का है।

लीव मंजूर करने के लिए DEO ने मांगे 50,000 रुपये की रिश्वत

Jharkhand Pregnant Teacher Death परिजनों का आरोप है कि छुट्टी स्वीकृत कराने के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक और क्लर्क ईश्वरी दयाल राम व अरुण कुमार गिरी ने 50 हजार रुपये की घूस मांगी थी। जिले के तरहसी स्थित सिलदलिया प्लस 2 हाई स्कूल में तैनात गर्भवती सरकारी शिक्षिका भारती पांडेय 9 महीने की गर्भवती थी। इस दौरान ड्यूटी करना आसान नहीं था। लीव मंजूर करने के लिए DEO ने उनसे 50,000 रुपये की रिश्वत मांगे और छुट्टी भी नहीं दिए। जिससे उन्हें अंतिम महीने तक 35 किलोमीटर सफर तय कर ड्यूटी पर स्कूल जाना पड़ा। इस दौरान स्कूल में उसे अचानक लेबर पेन उठा और बच्चे की मां के गर्भ में मौत हो गई।

पति ने जताई नाराजगी

शिक्षिका भारती पांडेय (Jharkhand Pregnant Teacher Death) के पति मुकेश कुमार तिवारी ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनके बच्चे की मौत हो गई है और पत्नी अभी भी जीवन और मौत से जूझ रही है। उन्होंने जिला शिक्षा अधीक्षक तथा दो क्लर्कों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.