एचयूएल का पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 3.17 प्रतिशत घटकर 2,680 करोड़ रुपये

एचयूएल का पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 3.17 प्रतिशत घटकर 2,680 करोड़ रुपये

एचयूएल का पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 3.17 प्रतिशत घटकर 2,680 करोड़ रुपये
Modified Date: July 28, 2026 / 12:54 pm IST
Published Date: July 28, 2026 12:54 pm IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) दैनिक उपभोग का सामान बनाने वाली (एफएमसीजी) कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 3.17 प्रतिशत घटकर 2,680 करोड़ रुपये रह गया।

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध लाभ 2,768 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि एचयूएल ने अप्रैल-जून तिमाही में 75 करोड़ रुपये का असाधारण घाटा दर्ज किया। इसमें 115 करोड़ रुपये के पुनर्गठन संबंधी खर्च तथा अधिग्रहण और विनिवेश से जुड़े पांच करोड़ रुपये के खर्च शामिल हैं।

इसके अलावा, कंपनी को अधिशेष परिसंपत्तियों के विनिवेश से 45 करोड़ रुपये का असाधारण लाभ भी हुआ। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का कर व्यय बढ़कर 952 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 526 करोड़ रुपये था।

एचयूएल का असाधारण मदों एवं कर से पहले का लाभ (पीबीईआईटी) पहली तिमाही में 9.28 प्रतिशत बढ़कर 3,707 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,392 करोड़ रुपये था।

समीक्षाधीन तिमाही में उत्पादों की बिक्री से राजस्व 10.26 प्रतिशत बढ़कर 17,149 करोड़ रुपये हो गया, जो एक वर्ष पहले की समान तिमाही में 15,552 करोड़ रुपये था।

एचयूएल ने अपने आय विवरण में कहा कि यह पिछले 13 तिमाहियों की सर्वाधिक वृद्धि है। इस दौरान ‘अंडरलाइंग सेल्स ग्रोथ’ (यूएसजी) 10 प्रतिशत रही।

कंपनी ने कहा कि अस्थिर कारोबारी माहौल के बावजूद अप्रैल-जून तिमाही में उसका ईबीआईटीडीए मार्जिन 23 प्रतिशत रहा, जो उसके अनुमानित दायरे के भीतर है।

अप्रैल-जून तिमाही में कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) सालाना आधार पर आठ प्रतिशत बढ़कर 3,947 करोड़ रुपये हो गई।

आलोच्य तिमाही में एचयूएल का कुल खर्च 10 प्रतिशत बढ़कर 13,822 करोड़ रुपये हो गया। अन्य आय सहित कुल आय 9.84 प्रतिशत बढ़कर 17,529 करोड़ रुपये रही।

एचयूएल की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक प्रिया नायर ने कहा, ‘‘ तिमाही के दौरान मांग का बुनियादी माहौल स्थिर रहा। इस पृष्ठभूमि में एचयूएल ने 17,184 करोड़ रुपये का कारोबार और 10 प्रतिशत यूएसजी दर्ज की जिसमें मात्रा एवं कीमत दोनों का समान योगदान रहा।’’

उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन एचयूएल के ब्रांडों की मजबूती, उसके उत्पाद खंड की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता और रणनीतिक प्राथमिकताओं के अनुशासित क्रियान्वयन को दर्शाता है।

नायर ने कहा, ‘‘ अल्पकालिक कारोबारी चुनौतियों के बीच भी हमारा ध्यान मात्रा-आधारित राजस्व वृद्धि पर बना हुआ है।’’

भाषा निहारिका

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