भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, केवल एक प्रतिशत मुद्दों पर बातचीत जारी: सर्जियो गोर
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, केवल एक प्रतिशत मुद्दों पर बातचीत जारी: सर्जियो गोर
मुंबई, तीन जून (भाषा) भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता लगभग 99 प्रतिशत पूरा हो चुका है और दोनों देश शेष एक प्रतिशत लंबित मुद्दों को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बहुप्रतीक्षित समझौते पर अगले कुछ सप्ताह में हस्ताक्षर हो सकते हैं।
मुंबई में ‘सिटी 2026 इंडिया कॉन्फ्रेंस’ में गोर ने कहा कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल इस समय समझौते पर बातचीत के लिए भारत में है।
एक अधिकारी के अनुसार, प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने के लिए भारत और अमेरिका के शीर्ष वार्ताकारों ने मंगलवार को तीन दिवसीय वार्ता शुरू की।
समझौते का प्रारूप फरवरी में तैयार कर लिया गया था। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उसके मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं, जबकि भारत की ओर से वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन मुख्य वार्ताकार हैं।
गोर ने कहा, ‘‘अंतरिम व्यापार समझौते का अधिकांश हिस्सा तय हो चुका है। अब केवल एक प्रतिशत मुद्दा बचा है, जिसे अंतिम रूप देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि दोनों देशों के नेता इस पर हस्ताक्षर कर इसे औपचारिक और कानूनी रूप दे सकें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि यह काम अगले कुछ सप्ताह में पूरा हो जाएगा। इसमें वर्षों नहीं लगेंगे। हम समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं।’’
गोर ने 11 और 12 मार्च, 2026 को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) द्वारा बंधुआ मजदूरी और अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता से जुड़े मुद्दों पर 60 देशों के खिलाफ धारा-301 के तहत शुरू की गई जांच पर भी प्रतिक्रिया दी।
यूएसटीआर ने दो जून को बंधुआ मजदूरी से संबंधित जांच के निष्कर्ष जारी करते हुए 60 अर्थव्यवस्थाओं से आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था।
गोर ने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क वैश्विक स्तर पर लागू किए गए हैं और उनका लक्ष्य विशेष रूप से भारत नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘ये शुल्क केवल भारत पर नहीं लगाए गए हैं। ये यूरोपीय संघ, कनाडा, मेक्सिको और जापान तथा दक्षिण कोरिया सहित एशिया के लगभग सभी देशों पर लागू किए गए हैं।’’
गोर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्यक्तिगत संबंधों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि जनवरी, 2021 से जनवरी, 2025 के बीच ट्रंप के सत्ता से बाहर रहने के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी उनके संपर्क में बने रहे।
गोर ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी आमतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति की आलोचना नहीं करते। ट्रंप के पद पर नहीं रहने के दौरान भी वह उनके संपर्क में रहे और राष्ट्रपति इसे याद रखते हैं।’’
उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच मित्रता विशेष महत्व रखती है।
गोर के अनुसार, कठिन समय में साथ निभाने वाले मित्रों को राष्ट्रपति ट्रंप विशेष रूप से महत्व देते हैं और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उनकी यही भावना है।
भाषा योगेश अजय
अजय

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