Central Jail Woman Suicide Case: छत्तीसगढ़ के इस सेंट्रल जेल में महिला बंदी ने खुदकुशी, दो महीने पहले ही हुई थी गिरफ्तार, जानिए किस मामले में काट रही थी सजा

Central Jail Woman Suicide Case: छत्तीसगढ़ के केंद्रीय जेल में आदिवासी महिला की मौत का मामला सामने आया है। मृतका पर चाचा की हत्या का आरोप था।

Central Jail Woman Suicide Case: छत्तीसगढ़ के इस सेंट्रल जेल में महिला बंदी ने खुदकुशी, दो महीने पहले ही हुई थी गिरफ्तार, जानिए किस मामले में काट रही थी सजा

Central Jail Woman Suicide Case/AI Generated Image

Modified Date: June 3, 2026 / 06:56 pm IST
Published Date: June 3, 2026 6:49 pm IST
HIGHLIGHTS
  • केंद्रीय जेल में एक आदिवासी महिला कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई
  • हत्या के आरोप में गिरफ्तार होकर जेल आई थी और कथित तौर पर डिप्रेशन में थी
  • मामले की जांच के लिए एडिशनल एसपी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई है

Central Jail Woman Suicide Case: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर केंद्रीय जेल में आदिवासी महिला की मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मृतका महिला दो महीने पहले हत्या के आरोप में दरभा थाने से केंद्रीय जेल लाई गई थी। महिला पर अपने सगे चाचा की हत्या का आरोप था। इस मामले में एडिशनल एसपी के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है।

जानकारी के मुताबिक, मामले विवाद के चलते रेयमति (Central Jail Woman Suicide Case) ने अपने चाचा की हत्या कर दी थी, जिसके बाद आरोपी महिला को गिरफ्तार कर बीएनएस की धारा 103 एक के तहत मामला पंजीबद्ध कर रिमांड पर केंद्रीय जेल दाखिल किया गया था। इसलिए कुछ समय से लगातार महिला डिप्रेशन में थी और उसके परिवार से कोई भी उससे मिलने भी नहीं आ रहा था। माना यह जा रहा है कि शायद इसी वजह से महिला ने सेल के वेंटीलेटर में फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।

आखिर वेंटीलेटर तक कैसे पहुंची महिला ?

अब सवाल यह है की ऊंचाई पर बने वेंटीलेटर तक मृतक आखिर महिला कैसे पहुंची? अगर महिला (Central Jail Woman Suicide Case) डिप्रेशन में थी तो क्या जेल प्रबंधन ने इस मामले में स्वास्थ्य उपचार की व्यवस्था नहीं की थी। पूरे मामले में केंद्रीय जेल से अधिकारी कोई भी बात करने को तैयार नहीं है घटना 1 जून को हुई थी लेकिन दो दिनों तक जांच की वजह से मामला दबाए रखा गया। फिलहाल कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया है और एडिशनल एसपी के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है। पर साफ है कि जेल के अंदर ही आत्महत्या ने जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर किया है, जिस पर जेल प्रशासन ने चुप्पी साथ रखी है।

 

ये भी पढ़ें


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.