एआई बदलाव के दौर में भारतीय आईटी क्षेत्र, शीर्ष पांच कंपनियों के मिले-जुले नतीजे

एआई बदलाव के दौर में भारतीय आईटी क्षेत्र, शीर्ष पांच कंपनियों के मिले-जुले नतीजे

एआई बदलाव के दौर में भारतीय आईटी क्षेत्र, शीर्ष पांच कंपनियों के मिले-जुले नतीजे
Modified Date: April 26, 2026 / 06:42 pm IST
Published Date: April 26, 2026 6:42 pm IST

नयी दिल्ली, 26 अप्रैल (भाषा) भारत की सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की शीर्ष पांच कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इन्फोसिस, एचसीएलटेक, विप्रो और टेक महिंद्रा ने वित्त वर्ष 2025-26 का समापन एक महत्वपूर्ण मोड़ पर किया है।

ये कंपनियां वैश्विक आर्थिक दबाव, पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और कृत्रिम मेधा (एआई) के बढ़ते प्रभाव के बीच बदलाव के दौर से गुजर रही हैं।

आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि आईटी क्षेत्र तेजी से पारंपरिक कार्य-प्रणाली से आगे बढ़ रहा है। एआई के कारण पुरानी आईटी सेवाओं से होने वाली आय पर दबाव पड़ रहा है, लेकिन इसकी भरपाई नई एआई-आधारित सेवाओं के बढ़ते अवसरों से हो रही है। अब कंपनियां बड़ी परियोजनाओं के बजाय परिणाम-आधारित और छोटे-छोटे हिस्सों में बंटे अनुबंधों पर अधिक ध्यान दे रही हैं।

यह बदलाव कंपनियों के भविष्य के अनुमान और कर्मचारियों से जुड़े रुझानों में भी साफ दिख रहा है। जहां टीसीएस और इन्फोसिस को लगता है कि मुश्किल दौर अब कम हो रहा है, वहीं एचसीएलटेक और विप्रो ने आगे भी अनिश्चितता और कमजोर मांग की आशंका जताई है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले कुछ वर्षों में एआई के कारण पारंपरिक आईटी सेवाओं की आय हर साल दो से तीन प्रतिशत तक घट सकती है। हालांकि, 2030 तक एआई से जुड़ी सेवाओं का बाजार 300-400 अरब डॉलर तक बढ़ने की संभावना है।

टीसीएस ने वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में 12.22 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 13,718 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। इस दौरान उसकी परिचालन आय 9.64 प्रतिशत बढ़कर 70,698 करोड़ रुपये रही।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का मुनाफा 49,210 करोड़ रुपये और आय 2.67 लाख करोड़ रुपये रही।

कंपनी का कहना है कि वह नए वित्त वर्ष में सकारात्मक स्थिति के साथ प्रवेश कर रही है और हाल की अधिकांश चुनौतियां अब पीछे छूट चुकी हैं। एआई सेवाओं से उसकी सालाना आय 2.3 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी है, जो कुल आय का छह प्रतिशत से ज्यादा है।

टीसीएस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के. कृतिवासन ने कहा कि नए सौदों पर हस्ताक्षर के दम पर टीसीएस सकारात्मक गति के साथ नए वित्त वर्ष में प्रवेश कर रही है।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में उसे जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, उनमें से अधिकांश काफी हद तक कम हो चुकी हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया संकट का असर मुख्य रूप से यात्रा और परिवहन क्षेत्र के ग्राहकों तथा खाड़ी क्षेत्र में स्थित कंपनियों तक सीमित रहेगा।

इन्फोसिस का वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ 20.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 8,501 करोड़ रुपये रहा, जबकि आय 13.4 प्रतिशत बढ़कर 46,402 करोड़ रुपये रही।

पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध लाभ 10.20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 29,440 करोड़ रुपये और आय 9.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,78,650 करोड़ रुपये रही।

कंपनी प्रबंधन ने माना कि एआई पारंपरिक सेवाओं को प्रभावित कर रहा है, लेकिन नई एआई सेवाओं की मांग से इसकी भरपाई हो रही है।

इन्फोसिस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सलील पारेख ने कहा, “ईरान युद्ध के कारण आर्थिक माहौल में बदलाव आया है, लेकिन स्थिति धीरे-धीरे स्थिर होती दिख रही है। जिन देशों में हमारा बड़ा बाजार है, वहां की अर्थव्यवस्था मजबूत है, निवेश हो रहा है और एआई तेजी से बढ़ रहा है।”

सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी एचसीएलटेक का वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ 4.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4,488 करोड़ रुपये रहा जबकि आय 12.34 प्रतिशत बढ़कर 33,981 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध लाभ 4.30 प्रतिशत घटकर 16,642 करोड़ रुपये रह गया, जबकि आय 11.18 प्रतिशत बढ़कर 1,30,144 करोड़ रुपये हो गई।

कंपनी ने मांग के माहौल को अस्थिर बताया और कहा कि शुल्कों और कम होते खर्च के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। एचसीएलटेक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एक से चार प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान दिया है।

कंपनी ने बताया कि एआई के कारण पारंपरिक सेवाओं में हर साल दो से तीन प्रतिशत की कमी आ रही है, हालांकि उन्नत एआई सेवाओं से आय बढ़ रही है।

एचसीएलटेक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सी. विजयकुमार ने कहा, “तिमाही के दौरान कुछ क्षेत्रों में कमजोरी, कम खर्च और फैसलों में देरी के कारण प्रदर्शन उम्मीद से कम रहा। हमारी नई एआई सेवाओं को बाजार में अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और हमारा मुख्य लक्ष्य भविष्य में एआई से मिलने वाले अवसरों का लाभ उठाना है।”

कंपनी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में उसका कारोबार बहुत सीमित है और कुल आय में इसका योगदान लगभग एक प्रतिशत ही है।

विप्रो का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 1.89 प्रतिशत घटकर 3,501.8 करोड़ रुपये रह गया, जबकि आय 7.6 प्रतिशत बढ़कर 24,236.3 करोड़ रुपये रही।

पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का लाभ 0.47 प्रतिशत बढ़कर 13,197.4 करोड़ रुपये और आय 92,624 करोड़ रुपये रह गई।

कंपनी ने वर्तमान आर्थिक स्थिति को एक नई सामान्य स्थिति बताया है, जो वैश्विक और नीतिगत बदलावों से प्रभावित है।

टेक महिंद्रा का समीक्षाधीन तिमाही में शुद्ध लाभ 16 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,353.8 करोड़ रुपये रहा, जबकि आय 12.6 प्रतिशत बढ़कर 15,076.1 करोड़ रुपये हो गई।

पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का लाभ 13.15 प्रतिशत बढ़कर 4,810.9 करोड़ रुपये और आय 7.2 प्रतिशत बढ़कर 56,815.4 करोड़ रुपये रही।

कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने इस आशंका को खारिज किया कि एआई के तेज इस्तेमाल से राजस्व में गिरावट आ रही है।

उनका कहना है कि वे एआई को मध्यम और दीर्घकाल में ग्राहकों के कामकाज को आधुनिक बनाने और नए अवसर पैदा करने वाले एक बड़े साधन के रूप में देखते हैं।

भाषा योगेश दिलीप

दिलीप


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