भारतीय तेल टैंकर मंगलवार को पहुंचेगा भारत
भारतीय तेल टैंकर मंगलवार को पहुंचेगा भारत
नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने सोमवार को कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फुजैराह बंदरगाह पर हमले के बावजूद सुरक्षित रवाना भारतीय ध्वज वाला कच्चा तेल टैंकर मंगलवार को भारत पहुंचेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत क्षेत्र में फंसे अन्य भारतीय ध्वज वाले जहाजों को सुरक्षित निकलने का रास्ता साफ करने के लिए काम कर रहा है।
सिन्हा ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात से लगभग 80,800 टन मुरबान कच्चा तेल ले जा रहा जहाज ‘जग लाडकी’ और उस पर सवार सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
जग लाडकी उन 28 भारतीय जहाजों में से चौथा जहाज है जो पिछले दो हफ्तों से युद्धग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं।
वर्तमान में, पश्चिमी फारस की खाड़ी में 611 नाविकों सहित 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं। दो एलपीजी लदे जहाजों ने 13 मार्च को अपनी यात्रा शुरू की और 14 मार्च की सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया।
उन्होंने बताया कि पहला जहाज, शिवालिक, गुजरात के मुंदड़ा बंदरगाह पर पहुंचा, जहां अग्रिम कागजी कार्रवाई और प्राथमिकता के आधार पर माल उतारने की व्यवस्था की गई थी। दूसरा जहाज, नंदा देवी, मंगलवार सुबह कांडला बंदरगाह पर पहुंचने वाला है।
दोनों जहाजों में लगभग 92,712 टन एलपीजी है। यह देश में एक दिन की खाना पकाने की गैस की आवश्यकता के बराबर है। ये उन 24 जहाजों में शामिल थे जो क्षेत्र में युद्ध शुरू होने के बाद से जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए थे।
जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में फंसे 24 जहाजों के अलावा, चार अन्य पूर्वी हिस्से में फंसे हुए थे।
पूर्वी हिस्से में फंसे चार जहाजों में से एक, भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर, जग प्रकाश शुक्रवार को युद्धग्रस्त जलडमरूमध्य को पार कर गया। यह ओमान से अफ्रीका के लिए गैसेलीन ले जा रहा था। जग प्रकाश ने ओमान के सोहार बंदरगाह से पेट्रोल भरा और अब वह तंजानिया के टैंगा शहर की ओर रवाना हो रहा है। उसके 21 मार्च को वहां पहुंचने की उम्मीद है।
सिन्हा ने कहा कि जग प्रकाश के अलावा जग लाडकी पूर्वी तट पर दूसरा टैंकर था जो सुरक्षित स्थान पर पहुंचने में कामयाब रहा। जग लाडकी मंगलवार को मुंदड़ा पहुंचने वाला है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में 22 भारतीय जहाज और पश्चिमी हिस्से में दो जहाज मौजूद हैं। उनके सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।
पोत परिवहन महानिदेशालय नियंत्रण कक्ष के सक्रिय होने के बाद से, नाविकों, उनके परिवारों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े पक्षों के 3,000 से अधिक कॉल और 5,400 ईमेल का जवाब दिया जा चुका है। इसके साथ 286 भारतीय नाविकों को सुरक्षित रूप से स्वदेश वापस लाया जा चुका है, जिनमें से 33 पिछले 48 घंटों में वापस लाए गए हैं।
सिन्हा ने बताया कि प्रमुख बंदरगाह जहाजों की आवाजाही पर कड़ी नजर रख रहे हैं और माल ढुलाई कार्यों को सुगम बना रहे हैं। जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (जेएनपीए) में लंगर, बर्थ किराया, भंडारण शुल्क और अस्थायी माल ढुलाई भंडारण पर रियायतें दी जा रही हैं।
भारत अपनी लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी जरूरतें आयात से पूरी करता है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले और जवाबी ईरानी कार्रवाई से पहले भारत का आधे से ज्यादा कच्चा तेल आयात, लगभग 30 प्रतिशत गैस और 85 से 90 प्रतिशत एलपीजी आयात सऊदी अरब और यूएई जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता था।
इस संघर्ष की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यह मार्ग खाड़ी देशों की ऊर्जा आपूर्ति का मुख्य रास्ता है। हालांकि, भारत ने रूस जैसे देशों से तेल मंगाकर कच्चे तेल की आपूर्ति में सुधार किया है, लेकिन औद्योगिक ग्राहकों को गैस आपूर्ति कम कर दी गई है। होटल और रेस्तरांओं के लिए भी एलपीजी में कमी की गई है।
भाषा रमण अजय
अजय

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