देश की ऊर्जा भंडारण क्षमता 2033 तक 346 गीगावाट प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान: रिपोर्ट
देश की ऊर्जा भंडारण क्षमता 2033 तक 346 गीगावाट प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान: रिपोर्ट
नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) भारत की स्थापित ऊर्जा भंडारण क्षमता वर्तमान के लगभग एक गीगावाट-घंटा से बढ़कर 2033 तक 346 गीगावाट-घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। शुक्रवार को यहां ‘स्टेशनरी एनर्जी स्टोरेज इंडिया’ (सेसी) 2026 सम्मेलन में पेश किए गए एक उद्योग श्वेत पत्र में यह जानकारी दी गई।
सेसी 2026 सम्मेलन का आयोजन उद्योग निकाय ‘भारत उर्जा भंडारण गठबंधन’ (आईईएसए) द्वारा किया जा रहा है, जो यहां जारी ‘भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026’ का हिस्सा है।
श्वेत पत्र के अनुसार, भारत के स्थिर ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में (आईईएसए) अच्छी वृद्धि हो रही है। पाइपलाइन में मौजूद ‘बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली’ (बीईएसएस) परियोजनाओं की कुल क्षमता अब रिकॉर्ड 92 गीगावाट-घंटा तक पहुंच गई है।
इसमें कहा गया है कि संचयी स्थापित क्षमता, जो वर्तमान में एक गीगावाट-घंटा से कम है, के 2033 तक 346 गीगावाट-घंटा के पार जाने का अनुमान है।
शुक्रवार को सेसी 2026 सम्मेलन में इस विस्तार की रूपरेखा पर जोर दिया गया, जहां आईईएसए ने ‘कस्टमाइज्ड एनर्जी सॉल्यूशंस’ (सीईएस) के साथ मिलकर तैयार किए गए इस श्वेत पत्र को जारी किया।
सेसी 2026 सम्मेलन में 10 से अधिक देशों के 450 से अधिक उद्योग जगत के नेताओं, सरकारी अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन ग्रिड इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एस सी सक्सेना ने किया। उन्होंने देश के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में ऊर्जा भंडारण को अपनाने में तेजी लाने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
आईईएसए के अध्यक्ष देबमाल्या सेन ने कहा, ”…यह भारत के 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म उत्पादन के लक्ष्य को साकार करने के लिए आवश्यक रणनीतिक स्पष्टता प्रदान करता है, जिसमें ऊर्जा भंडारण एक लचीले और विश्वसनीय ग्रिड की रीढ़ के रूप में काम करेगा।”
भाषा सुमित पाण्डेय रमण
रमण

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