IPS Aparna Kaushik Body Shaming : अपराधियों के लिए काल, पर इंटरनेट पर बॉडी शेमिंग की शिकार! जानें IPS अपर्णा कौशिक के वर्दी के पीछे छिपे संघर्ष की पूरी कहानी

मिर्जापुर की एसपी अपर्णा रजत कौशिक के आधिकारिक वीडियो पर सोशल मीडिया यूज़र्स द्वारा अभद्र और बॉडी-शेमिंग टिप्पणियां किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। मामले ने महिला सम्मान और ऑनलाइन ट्रोलिंग पर नई बहस छेड़ दी है।

IPS Aparna Kaushik Body Shaming : अपराधियों के लिए काल, पर इंटरनेट पर बॉडी शेमिंग की शिकार! जानें IPS अपर्णा कौशिक के वर्दी के पीछे छिपे संघर्ष की पूरी कहानी

IPS Aparna Kaushik Body Shaming / Image Source : X

Modified Date: March 20, 2026 / 06:46 pm IST
Published Date: March 20, 2026 6:46 pm IST
HIGHLIGHTS
  • इनामी गौ-तस्कर की गिरफ्तारी पर जारी वीडियो वायरल होने के बाद ट्रोलिंग शुरू हुई।
  • 40 लाख से ज्यादा व्यूज़ और 11 हजार से अधिक कमेंट्स आए।
  • अभद्र टिप्पणियों के चलते पुलिस को कमेंट सेक्शन बंद करना पड़ा।

मिर्जापुर: IPS Aparna Kaushik Body Shaming  उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की पुलिस अधीक्षक (SP) और तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी अपर्णा रजत कौशिक इन दिनों चर्चा में हैं, लेकिन वजह उनकी कार्यप्रणाली नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी है। एक अपराधी की गिरफ्तारी पर दी गई उनकी ‘बाइट’ जैसे ही पुलिस के आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर अपलोड हुई, देखते ही देखते वह वायरल हो गई। लेकिन अफसोस, लोगों ने अधिकारी की कामयाबी की तारीफ करने के बजाय उनकी शारीरिक बनावट को लेकर ‘बॉडी शेमिंग’ शुरू कर दी।

क्या है पूरा मामला?

बीते 13 मार्च को मिर्जापुर पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी गौ-तस्कर को गिरफ्तार किया था। इस सफलता की जानकारी देने के लिए एसपी अपर्णा कौशिक ने एक प्रेस बाइट जारी की। रूटीन प्रक्रिया के तहत इसे मिर्जापुर पुलिस के इंस्टाग्राम पेज पर डाला गया। वीडियो को अब तक 40 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं और 4 लाख से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है।

ट्रोलिंग और कमेंट सेक्शन बंद

हैरानी की बात यह है कि इस वीडियो पर आए 11 हजार से ज्यादा कमेंट्स में से अधिकतर महिला अधिकारी के ‘लुक’, शरीर की बनावट और अपीयरेंस पर केंद्रित थे। कई यूजर्स ने बेहद अश्लील, सेक्सिस्ट और अपमानजनक टिप्पणियां कीं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि गरिमा बनाए रखने के लिए मिर्जापुर पुलिस को अपने आधिकारिक अकाउंट का कमेंट सेक्शन बंद करना पड़ा।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इस घटना के बाद इंटरनेट पर एक नई बहस छिड़ गई है। कई लोगों का कहना है कि जब एक जिम्मेदार पद पर बैठी आईपीएस अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं और उन्हें उनके शरीर से आंका जा रहा है, तो आम महिलाओं की स्थिति क्या होगी? लोग ऐसे ट्रोलर्स के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल इस मामले पर मिर्जापुर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..