उत्पादकता बढ़ाने, प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए नई प्रौद्योगिकियां अपनाए उद्योग : इस्पात मंत्री

उत्पादकता बढ़ाने, प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए नई प्रौद्योगिकियां अपनाए उद्योग : इस्पात मंत्री

उत्पादकता बढ़ाने, प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए नई प्रौद्योगिकियां अपनाए उद्योग : इस्पात मंत्री
Modified Date: June 24, 2026 / 02:44 pm IST
Published Date: June 24, 2026 2:44 pm IST

नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) केंद्रीय इस्पात मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने बुधवार को इस्पात उद्योग से वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रहने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने का आह्वान किया।

मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में इस्पात मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘इस्पात क्षेत्र में डिजिटलीकरण पर चिंतन शिविर 2026’ में ये बातें कहीं।

सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि इस्पात क्षेत्र का भविष्य केवल उत्पादन क्षमता से तय नहीं होगा, बल्कि बुद्धिमान और एकीकृत प्रणालियों से भी निर्धारित होगा।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई), मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), डिजिटल ट्विन, रोबोटिक्स और उन्नत आंकड़ा विश्लेषण जैसी प्रौद्योगिकियां वैश्विक स्तर पर इस्पात विनिर्माण को नया स्वरूप दे रही हैं। इनके इस्तेमाल से उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

कुमारस्वामी ने कहा कि सरकार वर्ष 2030 तक 30 करोड़ टन और वर्ष 2035 तक 40 करोड़ टन इस्पात उत्पादन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह विस्तार मजबूत घरेलू मांग पर आधारित है, जिसमें बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास, ‘मेक इन इंडिया’ के तहत विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार, नवीकरणीय ऊर्जा का प्रसार और तेज शहरीकरण शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र की वृद्धि की संभावनाएं काफी मजबूत हैं, लेकिन इसके साथ ही कच्चे माल की उपलब्धता, परिचालन दक्षता, कार्बन उत्सर्जन में कमी, आधुनिकीकरण और निर्यात प्रतिस्पर्धा से जुड़ी चुनौतियों का भी सक्रिय रूप से समाधान करना होगा।

मंत्री ने कहा, “इस परिप्रेक्ष्य में डिजिटलीकरण अब विकल्प नहीं रह गया है, बल्कि दीर्घकालिक अस्तित्व की आधारशिला बन गया है।”

भाषा योगेश अजय

अजय


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